Phy – 2_2 0% Report a question What's wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. 1 / 30 दो आवेशित चालक गोले जिन पर आवेश की भिन्न-भिन्न मात्राएँं हैं एक सुचालक तार द्वारा परस्पर संबंधित कर दिए जाते हैं इससे गोले की कुल ऊर्जा संरक्षित रहेगी कुल आवेश संरक्षित रहेगा ऊर्जा एवं आवेश दोनों संरक्षित रहेंगे कोई भी संरक्षित नहीं रहेगा 2 / 30 1 μF धारिता के दो संधारित्र समांतर क्रम में जुड़े हैं इनके श्रेणी क्रम में0.5 μF का एक तीसरा संधारित्र जुड़ा है परिणामी होगी 16μF 12μF 10μF 0.4μF 3 / 30 दो आवेशित वस्तुओं को जोड़ने पर उनके बीच विद्युत धारा प्रवाहित नहीं होती यदि उनके आवेश समान हो धारिताएँ समान हो विभव समान हो प्रतिरोध समान हो 4 / 30 विद्युत धारिता का मात्रक होता है वोल्ट न्यूटन फैराड एंपियर 5 / 30 वायु में गोलीय चालक की धारिता अनुक्रमानुपाती होती है गोले के द्रव्यमान के गोले की त्रिज्या के गोले के आयतन के गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल के 6 / 30 सामान त्रिज्या तथा सामान आवेश की पारे की 8 बूँदे एक दूसरे से मिलकर एक बड़ी बूँद बनाती है बड़ी बूंँद की धारिता छोटी बूँद की धारिता की तुलना में है दोगुनी चार गुनी आठ गुनी सोलह गुनी 7 / 30 तीन संधारित्र जिनमें प्रत्येक की धारिता C है श्रेणी क्रम में जुड़े हैं 3C 3/C C/3 1/3C 8 / 30 वान-डी-ग्राफ जनित्र एक ऐसी युक्ति है जो उत्पन्न करती है प्रत्यावर्ती शक्ति उच्च आवृत्ति की धारा उच्च वोल्टता जल-विद्युत 9 / 30 125 एक समान बूंँदों में से प्रत्येक को 50 V विभव तक आवेशित किया गया है इन्हें जोड़कर बनी नई बूंद का विभव होगा 50V 250V 500V 1250V 10 / 30 समान धारिता के N संधारित्रों को पहले समांतर क्रम में तथा फिर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है दोनों अवस्थाओं में तुल्य धारिता अनुपात है N:1 N²:1 1:N 1:N² 11 / 30 किसी संधारित्र की धारिता का मात्रक होता है वोल्ट न्यूटन फैराड एंपियर 3 12 / 30 समान धारिता के n संधारित्रो को पहले समानांतर क्रम और फिर श्रेणी क्रम में जोड़ा जाता है दोनों अवस्थाओं में तुल्य धारिताओं का अनुपात है n n³ n² 1/n² 3 13 / 30 संधारित्रों के समांतर संयोजन में जो राशि प्रत्येक संधारित्र के समान रहती है वह है आवेश ऊर्जा विभवांतर धारिता 3 14 / 30 जब समांतर पट्टिका वायु संधारित्र की पट्टिकाओं के बीच की दूरी बढ़ती जाती है तब इसकी धारिता बढ़ती जाती है घटती है कोई परिवर्तन नहीं होता शून्य हो जाता है 2 15 / 30 आवेश वितरण से ऊर्जा का ह्रास होता है ऊर्जा में वृद्धि होती है ऊर्जा का मान नियत रहता है इनमें से कोई नहीं 1 16 / 30 यदि कई संधारित्र उपलब्ध हो तो उनके समूहन से उच्चतम धारिता प्राप्त करने के लिए उन्हें जोड़ना चाहिए श्रेणी क्रम में समानांतर क्रम में मिश्रित क्रम में इनमें से कोई नहीं 2 17 / 30 चार संधारित्रों में प्रत्येक की धारिता 2μF है एक 8μF का संधारित्र बनाने के लिए उन्हें जोड़ना होगा श्रेणी क्रम में समानांतर क्रम में कुछ श्रेणी में कुछ समानांतर में इनमें से कोई नहीं. 2 18 / 30 50μF धारिता वाला एक संधारित्र 10V विभव तक अविष्ट किया जाता है इसकी ऊर्जा है 2.5x 10⁻³J 2.5x 10⁻⁴J 5x 10⁻²J 1.2x10⁻² 1 19 / 30 आवेशित खोखले गोलाकार चालक के केंद्र पर 7. विद्युत क्षेत्र एवं विभव दोनों ही शून्य होते हैं विभव शून्य होता है विद्युत क्षेत्र नहीं विद्युत क्षेत्र शुन्य होता है विभव नहीं विद्युत क्षेत्र शुन्य होता है विभव नहीं 3 20 / 30 C धारिता के संधारित्र को q आवेश देने पर उस पर संचित ऊर्जा U है यदि आवेश को बढ़ाकर 2q कर दिया जाए तो संचित होगी 2U 1/2U 4U 1/4U 3 21 / 30 समान धारिता के तीन संधारित्रओं को श्रेणी क्रम मैं जोड़ने पर तुल्यधारिता 6 μF होती है यदि उन्हें समांतर क्रम में जोड़ा जाए तो धारिता होगी 18μF 2μF 54μF 3μF 3 22 / 30 सम-विभवी पृष्ठ पर एक इलेक्ट्रॉन को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक विस्थापित करने में कार्य इलेक्ट्रॉन पर होता है कार्य इलेक्ट्रॉन द्वारा होता है कार्य अनंत होता है कार्य नहीं होता है 4 23 / 30 एक प्रोटॉन को 1 वोल्ट विभवांतर से त्वरित किया जाता है इसके द्वारा ग्रहण की गई ऊर्जा होगी 0 1eV 2eV 4eV 2 24 / 30 यदि दो सुचालक गोले अलग-अलग आवेशित करने के बाद परस्पर जोड़ दिए जाए तो दोनों गोलों की ऊर्जा संरक्षित रहेगी दोनों का आवेश संरक्षित रहता है ऊर्जा और आवेश दोनों संरक्षित रहेंगे उपरोक्त में से कोई नहीं 2 25 / 30 आवेशित चालक की स्थितिज ऊर्जा होती है CV² 1/2CV² 1/3CV² 1/4CV² 2 26 / 30 किसी समांतर पट्टिका संधारित्र के दो प्लेटों के बीच एकांक आयतन में संचित ऊर्जा का मान होता है 1/2∈₀ E² 1/2∈₀²E 1/2∈₀²E² 1/2∈₀E² 27 / 30 64 समरूप बूंदे जिसमें प्रत्येक की धारिता 5 न्यू ऐप है मिलकर एक बड़ा बूंद बनाते हैं बड़े बूंद की धारिता होगी 4/4F 20μF 25μc 164μF 28 / 30 वान डी ग्राफ जनित्र एक ऐसी युक्ति है जो उत्पन्न करती है प्रत्यावर्ती शक्ति उच्च आवृत्ति की धारा उच्च वोल्टता जल विद्युत 29 / 30 3 संधारित्र जिसमें प्रत्येक की धारिता C है श्रेणीक्रम में जुड़े हैं उनकी तुल्य धारिता है 3C 3/C C/3 1/3C 30 / 30 वायु में गोलीय चालक की धारिता अनुक्रमानुपाती होती है गोले के द्रव्यमान के गोले की त्रिज्या के गोले के आयतन के गोले के पृष्ठ क्षेत्रफल के 0% Restart quiz