Phy – 7_1 0% Report a question What's wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. 1 / 20 एक प्रत्यावर्ती विधुत धारा का समीकरण I = 0.6 sin 100πt से निरूपित है। विधुत धारा की आवृत्ति है – 50 π 50 100π 100 2 / 20 प्रत्यावर्ती धारा का ऊष्मीय प्रभाव प्रमुखतः है – जूल ऊष्मन पेल्टियर ऊष्मन टॉमसन प्रभाव इनमें से कोई नहीं 3 / 20 संधारित्र का शक्ति गुणांक लगभग है- 90° 1 180° 0 4 / 20 अपचायी ट्रान्सफॉर्मर बढ़ाता है – धारा वोल्टता वाटता इनमें से कोई नहीं 5 / 20 LCR परिपथ में धारिकत्व को C से बदलकर 4C कर दिया जाता है। समान अनुनादी आवृत्ति के लिए प्रेरकत्व को L से बदलकर होना चाहिए। 2L L / 2 L / 4 4L 6 / 20 यदि LCR परिपथ में L= 8.0 हेनरी, C = 0.5 μ, R = 100 Ω श्रेणीक्रम में हैं, तो अनुनादी आवृत्ति होगी- 600 रेडियन/सेकेण्ड 500 रेडियन/सेकेण्ड 600 हर्ट्स 500 हर्ट्स 7 / 20 A.C. का समीकरण i = 50 sin100t है तो धारा की आवृत्ति होगी- 50π हर्टज 50 / π हर्टज 100π हर्टज 100 / π हर्टज 8 / 20 एक उच्चायी परिमापित्र में कण्डलियों में फेरों की संख्या में प्रथांमक में N1 तथा द्वितीयक में N2 तक- N1 = N2 N1 > N2 N1 < N2 इनमें से कोई नहीं 9 / 20 किसी प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में धारा एवं विभवान्तर के बीच कलान्तर θ है। तब शक्ति गुणांक होगा- cosθ sinθ tanθ इनमें से कोई नहीं 10 / 20 प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में यदि धारा I एवं वोल्टेज के बीच कलान्तर हो तो धारा का वाटहीन घटक होगा : Icosα Isinα Itanα इनमें से कोई नहीं 11 / 20 प्रत्यावर्ती धारा परिपथ के LCR श्रेणी संयोजन में वोल्टेज प्रत्येक L,C,R घटक में 50 वोल्ट है। वोल्टेज LC संयोजन के बीच होगा- 50 Volt 55 Volt 100 Volt 0 Volt 12 / 20 प्रतिबाधा (Impedance) का S.I. मात्रक होता है? हेनरी ओम टेसला इनमें से कोई नहीं 13 / 20 चोक कुण्डली का कार्य सिद्धान्त निम्न पर आधारित है – कोणीय संवेग संरक्षण स्वप्रेरण अन्योन्य प्रेरण संवेग संरक्षण 14 / 20 भारत में आपूर्ति की जा रही प्रत्यावर्ती धारा की आवृत्ति है – 220 हर्ट्स 50 हर्ट्स 60 हर्ट्ज 100 हर्ट्स 15 / 20 L-C परिपथ को कहा जाता है? दोलनी परिपथ अनुगामी परिपथ शैथिल्य परिपथ इनमें से कोई नहीं 16 / 20 तप्त-तार आमीटर मापता है, प्रत्यावर्ती धारा का – उच्चतम मान औसत मान मूल औसत वर्ग धारा इनमें से कोई नहीं 17 / 20 निम्नलिखित में से किसके लिए संधारित्र अनंत प्रतिरोध की तरह कार्य करता है? DC AC DC तथा AC दोनों (इनमें से कोई नहीं) 18 / 20 किसी LCR परिपथ में ऊर्जा का क्षय होता है? प्रेरक में प्रतिरोधक में धारित्र में इनमें से कोई नहीं 19 / 20 प्रतिघात का मात्रक होता है – ओम फैराडे एम्पेयर म्हो 20 / 20 प्रत्यावर्ती धारा का ऊष्मीय प्रभाव प्रमुखत है – जूल ऊष्मन पेल्टियर ऊष्मन टॉमसन प्रभाव इनमें से कोई नहीं 0% Restart quiz