13 दिसम्बर 0% Report a question What's wrong with this question? You cannot submit an empty report. Please add some details. Your Total Time is = 60 Min Time up !! Old Test ■ आप इस Test को जितनी बार मन करें, उतनी बार दे सकते है। ■ इस Test का किसी भी तरह का रिजल्ट नही आएगा। ■ इस Test को सबके लिए खुला रखा गया है ताकि स्टूडेंट्स बेहतर प्रैक्टिस कर सकें। ■ अब आप इस Quiz से अनगिनत बार अपनी प्रैक्टिस कर सकते है। ■ दिए गये कुल समय में ही आपको Quiz देना होगा। ■ अगर आपने दिए गये समय के अंदर Quiz समाप्त नही किया तो यह अपने आप सबमिट हो जायेगा। All the Best 1 / 50 एक प्रत्यावर्ती विधुत धारा का समीकरण I = 0.6 sin 100πt से निरूपित है। विधुत धारा की आवृत्ति है – 50 π 50 100 100π 2 / 50 दो समतल दर्पण के बीच में एक वस्तु को रखा गया है। यदि दर्पणों के बीच का कोण 60° हो तो महत्तम प्रतिबिम्बों की संख्या होगी: 2 6 5 3 3 / 50 छड़ में प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान होगा: B2L2V शून्य BLV इनमें से कोई नहीं 4 / 50 सौर स्पेक्ट्रम में बैंगनी रंग से लाल रंग की ओर- विचलन घटता है और अपवर्तनांक बढ़ता है विचलन बढ़ता है और अपवर्तनांक भी बढ़ता है विचलन घटता है और अपवर्तनांक भी घटता है विचलन बढ़ता है और अपवर्तनांक कम होता है 5 / 50 दो उत्तल लेंस जो एक दूसरे के सम्पर्क में हैं, का समतुल्य लेंस- समतलावतल बेलनाकार उत्तल अवतल 6 / 50 प्रकाश के तरंग गति-सिद्धान्त के अनुसार, प्रकाश के वर्ण के निर्यायक- आवृत्ति तरंग-लम्बाई तरंग की चाल आयाम 7 / 50 विद्युत चुंबकीय तरंगों के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है? कभी-कभी नहीं इनमें से कोई नहीं हां 8 / 50 एक सीधा चालक छड़ पूर्व-पश्चिम की ओर क्षैतिज स्थिर रखा गया है। इसे गिरने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके सिरों के बीच विभवान्तर बढ़ता जायेगा शून्य रहेगा घटता जायेगा की दिशा बदलती रहेगी 9 / 50 मैक्सवेल समीकरण चार नियमों को निरूपित करता है। इनमें मैक्सवेल-एम्पियर नियम संबंधित करता है- चुम्बकीय फ्लक्स परिवर्तन की दर को कुल विस्थापन धारा से इनमें से कोई नहीं चुम्बकीय फ्लक्स परिवर्तन की दर को कुल धारा से चुम्बकीय फ्लक्स परिवर्तन की दर को धारा से 10 / 50 A.C. का समीकरण i = 50 sin100t है तो धारा की आवृत्ति होगी- 50π हर्टज 100π हर्टज 50 / π हर्टज 100 / π हर्टज 11 / 50 संधारित्र का शक्ति गुणांक लगभग है- 0 180° 1 90° 12 / 50 एक उच्चायी परिमापित्र में कण्डलियों में फेरों की संख्या में प्रथांमक में N1 तथा द्वितीयक में N2 तक- इनमें से कोई नहीं N1 < N2 N1 = N2 N1 > N2 13 / 50 विद्युत्-चुम्बकीय तरंग कौन-सा गुण प्रदर्शित नहीं करती है? ध्रुवण परावर्तन इनमें से कोई नहीं विवर्तन 14 / 50 दो लेंस जिनकी क्षमता -15D तथा +5D है, को संयुक्त करने पर संयोजन की फोकस दूरी होगी- -20 सेमी० -10 सेमी० +10 सेमी० इनमें से कोई नहीं 15 / 50 तप्त तार ऐमीटर मापता है प्रत्यावर्ती धारा का औसत मान मूल औसत वर्ग धारा इनमें से कोई नहीं उच्चतम मान 16 / 50 तरंगदैर्घ्य के बढ़ने के साथ अपवर्तनांक का मान : अपरिवर्तित रहता है बढ़ता है इनमें से कोई नहीं घटता है 17 / 50 लेंज का नियम किस भौतिक राशि के संरक्षण पर आधारित है – संवेग ऊर्जा आवेश द्रव्यमान 18 / 50 एक ऐसी परिघटना जो यह प्रदर्शित करती है कि कोई तरंग अनुप्रस्थ है, वह है: ध्रुवण व्यतिकरण प्रकीर्णन विवर्तन 19 / 50 साबुन का बुलबुला प्रकाश में रंगीन दिखता है जिसका कारण है- प्रकाश का अपवर्तन प्रकाश का ध्रुवण प्रकाश का प्रकीर्णन प्रकाश का व्यतिकरण 20 / 50 ट्रांसफॉर्मर का क्रोड बनाने के लिए सबसे उपयुक्त पदार्थ निम्नलिखित में से कौन है? स्टेनलेस स्टील ताँबा अलनीको मुलाइम इस्पात 21 / 50 LCR परिपथ में धारिकत्व को C से बदलकर 4C कर दिया जाता है। समान अनुनादी आवृत्ति के लिए प्रेरकत्व को L से बदलकर होना चाहिए। L / 2 4L L / 4 2L 22 / 50 प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में यदि धारा I एवं वोल्टेज के बीच कलान्तर हो तो धारा का वाटहीन घटक होगा : Itanα इनमें से कोई नहीं Icosα Isinα 23 / 50 मानव नेत्र का विभेदन क्षमता (मिनट में) होता है- 1 1-Feb Jan-60 10 24 / 50 फ्रान्हॉफर विवर्तन में प्रकाश के स्रोत रखे जाते हैं अवरोध से- निश्चित दूरी पर अनन्त दूरी पर इनमें से कोई नहीं संपर्क में 25 / 50 ध्रुवणकोण की स्पर्शज्या पदार्थ के अपवर्तनांक के बराबर होती है। यह नियम कहलाता है- मैलस के नियम ब्रैग के नियम कॉम्पटन के नियम ब्रूस्टर के नियम 26 / 50 मुक्त आकाश में 3 × 1019 हर्ट्स की आवृत्ति की विद्युत चुंबकीय तरंग का तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए? 1.0 Å 0.1 Å 1.5 Å 0.5 Å 27 / 50 प्रयोगशालाओं को बैक्टीरिया से मुक्त कराने में उपयोग की जाती है- अवरक्त किरणें अल्ट्रावायलेट किरणें इनमें से कोई नहीं दृश्य प्रकाश 28 / 50 यंग के प्रयोग में यदि प्रकाश की तरंग-लम्बाई दुगुना कर दिया जाय तो फ्रिन्ज की चौड़ाई- दुगुनी हो जाएगी चार गुनी हो जाएगी आधी हो जाएगी वही रहेगी 29 / 50 अपचायी ट्रान्सफॉर्मर बढ़ाता है – वाटता इनमें से कोई नहीं वोल्टता धारा 30 / 50 एक चुम्बक एक बंद चालक के निकट स्थित है। चालक में धारा उत्पन्न की जा सकती है। यदि : चुम्बक और चालक दोनों गतिशील हों। चालक और चुम्बक के बीच आपेक्षिक गति हो केवल चुम्बक गतिशील हो केवल चालक गतिशील हो 31 / 50 उदग्र तल में चालक तार की वृत्ताकार कुंडली रखी हुई है। इसकी ओर एक छड़ चुम्बक लाया जा रहा है। चुम्बक का उत्तरी ध्रुव कुंडली की ओर है। चुम्बक की तरफ से देखने पर कुंडली में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा होगी पहले दक्षिणावर्त पुनः वामावर्त दक्षिणावर्त पहले वामावर्त पुनः दक्षिणावर्त वामावर्त 32 / 50 एक खगोलीय दूरबीन की लम्बाई 16 cm है और इसकी आवर्धन क्षमता 3 है। लेंसों की फोकस दूरियाँ होंगी : 4 cm, 12 cm 8 cm, 4 cm 4 cm, 8 cm 4 cm, 2 cm 33 / 50 यदि किसी लेंस की फोकस दूरी 20 सेमी० हो, तो इसकी क्षमता होगी- 0.05 डायोप्टर 0.5 डायोप्टर 5 डायोप्टर 20 डायोप्टर 34 / 50 किसके लिए तरंगदैर्घ्य का मान अधिकतम है? अवरक्त किरणें एक्स किरणें पराबैंगनी रेडियो तरंग 35 / 50 प्रत्यावर्ती धारा का ऊष्मीय प्रभाव प्रमुखतः है – टॉमसन प्रभाव जूल ऊष्मन इनमें से कोई नहीं पेल्टियर ऊष्मन 36 / 50 एक कुंडली के लिए स्वप्रेरकत्व 2 मिली हेनरी है। उसमें विद्युत धारा प्रवाह की दर 103 एंपियर सेकंड है। इसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल है – 1 वोल्ट 3 वोल्ट 4 वोल्ट 2 वोल्ट 37 / 50 ‘हाइजेन के द्वितीयक तरंग के सिद्धांत का व्यवहार होता है- तरंगान के ज्यामितीय नये स्थान प्राप्त करने में व्यतिकरण घटना की व्याख्या करने में तरंगों के अध्यारोपण के सिद्धांत की व्याख्या करने में ध्रुवण की व्याख्या करने में 38 / 50 यदि LCR परिपथ में L= 8.0 हेनरी, C = 0.5 μ, R = 100 Ω श्रेणीक्रम में हैं, तो अनुनादी आवृत्ति होगी- 500 रेडियन/सेकेण्ड 600 हर्ट्स 600 रेडियन/सेकेण्ड 500 हर्ट्स 39 / 50 किसी उच्चायी (step-up) ट्रांसफॉर्मर के प्राइमरी और सेकंडरी में क्रमश: N1और N2 लपेट हैं, तब N1 > N2 N1 = 0 N2 > N1 N2 = N1 40 / 50 एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्य लेंस से बना प्रतिबिम्ब – काल्पनिक व बड़ा वास्तविक व छोटा वास्तविक व बड़ा काल्पनिक व छोटा 41 / 50 एक रेडियो 7.5 MHz से 12 MHz बैंड के किसी स्टेशन से समस्वरित हो सकता है। संगत तरंगदैर्ध्य बैंड क्या है? 40-70 मीटर 5-20 मीटर 25-40 मीटर 10-30 मीटर 42 / 50 दूर दृष्टिदोष को दूर करने के लिए प्रयुक्त लेंस होता है— समतल-उत्तल अवतल उत्तल बेलनाकार 43 / 50 यदि समान फोकस दूरी के दो अभिसारी लेंस एक दूसरे के सम्पर्क में रखे हों, तब संयोग की फोकस दूरी होगी- 2f f f / 2 3f 44 / 50 किसी प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में धारा एवं विभवान्तर के बीच कलान्तर θ है। तब शक्ति गुणांक होगा- इनमें से कोई नहीं tanθ sinθ cosθ 45 / 50 प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंगों के रूप में संचरित होता है- यह मत दिया? मैक्सवेल ने कूलाम ने एंपियर ने न्यूटन ने 46 / 50 किसी बन्द परिपथ का प्रतिरोध 10 ओम है। इस परिपथ से t समय (सेकेण्ड) में, चुम्बकीय फ्लक्स (वेबर में) φ = 6t2–5t +1 से परिवर्तित होता है। t= 0.25 सेकेण्ड पर परिपथ में प्रवाहित धारा (एम्पियर में) होगी 0.4 2 4 0.2 47 / 50 दूर संचार के लिए उपयुक्त विकिरण है- पराबैंगनी दृश्य प्रकाश माइक्रो तरंगें अवरक्त 48 / 50 विद्युत्-चुम्बकीय तरंग का संचरण- दोनों के लम्बवत् होता है विद्युतीय क्षेत्र के लम्बवत् इनमें से कोई नहीं चुम्बकीय क्षेत्र के लम्बवत् 49 / 50 मृगमरीचिका का कारण है- प्रकीर्णन व्यतिकरण अपवर्तन और पूर्ण आंतरिक परावर्तन विवर्तन 50 / 50 यदि एक पतली पारदर्शक सीट को यंग द्वि-स्लिट के सामने रखा जाय तो फ्रिन्ज की चौड़ाई- अपरिवर्तित रहेगी घटेगी इनमें से कोई नहीं बढ़ेगी 0% Restart quiz