13 दिसम्बर

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Old Test

■ आप इस Test को जितनी बार मन करें, उतनी बार दे सकते है।
■ इस Test का किसी भी तरह का रिजल्ट नही आएगा।
■ इस Test को सबके लिए खुला रखा गया है ताकि स्टूडेंट्स बेहतर प्रैक्टिस कर सकें।
■ अब आप इस Quiz से अनगिनत बार अपनी प्रैक्टिस कर सकते है।
■ दिए गये कुल समय में ही आपको Quiz देना होगा।
■ अगर आपने दिए गये समय के अंदर Quiz समाप्त नही किया तो यह अपने आप सबमिट हो जायेगा।

All the Best

1 / 50

उदग्र तल में चालक तार की वृत्ताकार कुंडली रखी हुई है। इसकी ओर एक छड़ चुम्बक लाया जा रहा है। चुम्बक का उत्तरी ध्रुव कुंडली की ओर है। चुम्बक की तरफ से देखने पर कुंडली में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा होगी

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यदि LCR परिपथ में L= 8.0 हेनरी, C = 0.5 μ, R = 100 Ω श्रेणीक्रम में हैं, तो अनुनादी आवृत्ति होगी-

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प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में यदि धारा I एवं वोल्टेज के बीच कलान्तर हो तो धारा का वाटहीन घटक होगा :

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ध्रुवणकोण की स्पर्शज्या पदार्थ के अपवर्तनांक के बराबर होती है। यह नियम कहलाता है-

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एक प्रत्यावर्ती विधुत धारा का समीकरण I = 0.6 sin 100πt से निरूपित है। विधुत धारा की आवृत्ति है –

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ट्रांसफॉर्मर का क्रोड बनाने के लिए सबसे उपयुक्त पदार्थ निम्नलिखित में से कौन है?

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विद्युत्-चुम्बकीय तरंग का संचरण-

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प्रकाश विद्युत चुंबकीय तरंगों के रूप में संचरित होता है- यह मत दिया?

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एक सीधा चालक छड़ पूर्व-पश्चिम की ओर क्षैतिज स्थिर रखा गया है। इसे गिरने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके सिरों के बीच विभवान्तर

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मैक्सवेल समीकरण चार नियमों को निरूपित करता है। इनमें मैक्सवेल-एम्पियर नियम संबंधित करता है-

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दो समतल दर्पण के बीच में एक वस्तु को रखा गया है। यदि दर्पणों के बीच का कोण 60° हो तो महत्तम प्रतिबिम्बों की संख्या होगी:

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दो उत्तल लेंस जो एक दूसरे के सम्पर्क में हैं, का समतुल्य लेंस-

13 / 50

यदि एक पतली पारदर्शक सीट को यंग द्वि-स्लिट के सामने रखा जाय तो फ्रिन्ज की चौड़ाई-

14 / 50

विद्युत चुंबकीय तरंगों के संचरण के लिए माध्यम की आवश्यकता होती है?

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‘हाइजेन के द्वितीयक तरंग के सिद्धांत का व्यवहार होता है-

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किसी प्रत्यावर्ती धारा परिपथ में धारा एवं विभवान्तर के बीच कलान्तर θ है। तब शक्ति गुणांक होगा-

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सौर स्पेक्ट्रम में बैंगनी रंग से लाल रंग की ओर-

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यदि किसी लेंस की फोकस दूरी 20 सेमी० हो, तो इसकी क्षमता होगी-

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दूर दृष्टिदोष को दूर करने के लिए प्रयुक्त लेंस होता है—

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विद्युत्-चुम्बकीय तरंग कौन-सा गुण प्रदर्शित नहीं करती है?

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मृगमरीचिका का कारण है-

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LCR परिपथ में धारिकत्व को C से बदलकर 4C कर दिया जाता है। समान अनुनादी आवृत्ति के लिए प्रेरकत्व को L से बदलकर होना चाहिए।

23 / 50

लेंज का नियम किस भौतिक राशि के संरक्षण पर आधारित है –

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संधारित्र का शक्ति गुणांक लगभग है-

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एक कुंडली के लिए स्वप्रेरकत्व 2 मिली हेनरी है। उसमें विद्युत धारा प्रवाह की दर 103 एंपियर सेकंड है। इसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल है –

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यंग के प्रयोग में यदि प्रकाश की तरंग-लम्बाई दुगुना कर दिया जाय तो फ्रिन्ज की चौड़ाई-

27 / 50

A.C. का समीकरण i = 50 sin100t है तो धारा की आवृत्ति होगी-

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दूर संचार के लिए उपयुक्त विकिरण है-

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अपचायी ट्रान्सफॉर्मर बढ़ाता है –

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साबुन का बुलबुला प्रकाश में रंगीन दिखता है जिसका कारण है-

31 / 50

एक रेडियो 7.5 MHz से 12 MHz बैंड के किसी स्टेशन से समस्वरित हो सकता है। संगत तरंगदैर्ध्य बैंड क्या है?

32 / 50

दो लेंस जिनकी क्षमता -15D तथा +5D है, को संयुक्त करने पर संयोजन की फोकस दूरी होगी-

33 / 50

प्रकाश के तरंग गति-सिद्धान्त के अनुसार, प्रकाश के वर्ण के निर्यायक-

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एक खगोलीय दूरबीन की लम्बाई 16 cm है और इसकी आवर्धन क्षमता 3 है। लेंसों की फोकस दूरियाँ होंगी :

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मानव नेत्र का विभेदन क्षमता (मिनट में) होता है-

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किसी बन्द परिपथ का प्रतिरोध 10 ओम है। इस परिपथ से t समय (सेकेण्ड) में, चुम्बकीय फ्लक्स (वेबर में) φ = 6t2–5t +1 से परिवर्तित होता है। t= 0.25 सेकेण्ड पर परिपथ में प्रवाहित धारा (एम्पियर में) होगी

37 / 50

किसी उच्चायी (step-up) ट्रांसफॉर्मर के प्राइमरी और सेकंडरी में क्रमश: N1और N2 लपेट हैं, तब

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किसके लिए तरंगदैर्घ्य का मान अधिकतम है?

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प्रत्यावर्ती धारा का ऊष्मीय प्रभाव प्रमुखतः है –

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एक चुम्बक एक बंद चालक के निकट स्थित है। चालक में धारा उत्पन्न की जा सकती है। यदि :

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छड़ में प्रेरित विद्युत वाहक बल का मान होगा:

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प्रयोगशालाओं को बैक्टीरिया से मुक्त कराने में उपयोग की जाती है-

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एक उच्चायी परिमापित्र में कण्डलियों में फेरों की संख्या में प्रथांमक में N1 तथा द्वितीयक में N2 तक-

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एक ऐसी परिघटना जो यह प्रदर्शित करती है कि कोई तरंग अनुप्रस्थ है, वह है:

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तप्त तार ऐमीटर मापता है प्रत्यावर्ती धारा का

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मुक्त आकाश में 3 × 1019 हर्ट्स की आवृत्ति की विद्युत चुंबकीय तरंग का तरंगदैर्ध्य ज्ञात कीजिए?

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एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्य लेंस से बना प्रतिबिम्ब –

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तरंगदैर्घ्य के बढ़ने के साथ अपवर्तनांक का मान :

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फ्रान्हॉफर विवर्तन में प्रकाश के स्रोत रखे जाते हैं अवरोध से-

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यदि समान फोकस दूरी के दो अभिसारी लेंस एक दूसरे के सम्पर्क में रखे हों, तब संयोग की फोकस दूरी होगी-

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