28 अगस्त

0%

Your Total Time is = 60 Min

Time up !!


Old Test

आप इस Test को जितनी बार मन करें, उतनी बार दे सकते है।
इस Test का किसी भी तरह का रिजल्ट नही आएगा।
इस Test को सबके लिए खुला रखा गया है ताकि स्टूडेंट्स बेहतर प्रैक्टिस कर सकें।
अब आप इस Quiz से अनगिनत बार अपनी प्रैक्टिस कर सकते है।
दिए गये कुल समय में ही आपको Quiz देना होगा।
अगर आपने दिए गये समय के अंदर Quiz समाप्त नही किया तो यह अपने आप सबमिट हो जायेगा।

All the Best

1 / 80

चुम्बक के दो ध्रुवों के बीच की दूरी को कहते हैं

2 / 80

धातु के बने किसी गोलक को चुंबकीय क्षेत्र में दोलन कराने पर उसकी दोलनी गति होती है

3 / 80

एक प्रबल विद्युत् चुम्बक बनाने के लिए कौन-सी वस्तु बहुत अधिक उपयुक्त होगी?

4 / 80

लेंज का नियम संबंधित है

5 / 80

निम्नलिखित में से डायमैग्नेटिक कौन है?

6 / 80

एक छड़-चुम्बक के मध्य बिन्दु से चुम्बक की लम्ब रेखा पर स्थित किसी बिन्दु पर –

7 / 80

एक हेनरी बराबर होता है

8 / 80

ट्रांसफॉर्मर का क्रोड बनाने के लिए सबसे उपयुक्त पदार्थ निम्नलिखित में से कौन है?

9 / 80

आदर्श प्रेरक का प्रतिरोध होता है

10 / 80

अन्योन्य प्रेरण का S.I. मात्रक है?

11 / 80

चुंबकीय क्षेत्र का मात्रक होता है

12 / 80

प्रेरक निम्न में से किसका विरोध करता है

13 / 80

M चुम्बकीय आघूर्ण वाले छड़ चुम्बकं को दो समान टुकड़े में तोड़ा जाता है तो प्रत्येक नये टुकड़े का चुम्बकीय आघूर्ण है

14 / 80

निम्न में से किस में भंवर धारा नहीं उत्पन्न होता है

15 / 80

जब किसी कुंडली के निकट से किसी चुंबक का दक्षिणी ध्रुव दूर ले जाया जाता है तब उसमें उत्पन्न प्रेरित विद्युत धारा की दिशा होती है

16 / 80

किसी छोटे चुंबक के मध्य बिंदु से समान दूरी पर अक्षीय तथा निरक्षीय स्थिति में चुंबकीय क्षेत्रों का अनुपात होता है

17 / 80

निर्वात् या हवा की चुम्बकशीलता μ0 का मान होता है

18 / 80

विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना के आविष्कारक थे

19 / 80

फ्लेमिंग के दाहिने हाथ के नियम से किसका दिशा ज्ञात किया जाता है

20 / 80

पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुव पर नति कोण होता है

21 / 80

प्रेरण कुंडली से प्राप्त होता है –

22 / 80

विद्युत चुंबकीय तरंग में विद्युतीय एवं चुंबकीय क्षेत्रों के बीच का कलान्तर होता है

23 / 80

जब एक चुंबकीय क्षेत्र में धातु का गोला गतिमान कराया जाता है तब वह गर्म हो जाता है क्योंकि

24 / 80

स्वप्रेरकत्व का S.Iमात्रक हैं

25 / 80

एक कुंडली के लिए स्वप्रेरकत्व 2 मिली हेनरी है। उसमें विद्युत धारा प्रवाह की दर 103 एंपियर सेकंड है। इसमें प्रेरित विद्युत वाहक बल है –

26 / 80

एक सीधा चालक पूर्व पश्चिम की ओर क्षैतिज स्थिर रखा गया है इसे गिरने के लिए छोड़ दिया जाता है इसके सिरों के बीच विभवांतर

27 / 80

क्यूरी ताप के ऊपर लौह चुंबकीय पदार्थ हो जाता है

28 / 80

विद्युत चुंबकीय प्रेरण का नियम किसने दिया?

29 / 80

. एक तार जिसका चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण M तथा लम्बाई L है, को त्रिज्या r के अर्द्धवृत्त के आकार में मोड़ा जाता है। नया द्विध्रुव आघूर्ण क्या होगा?

30 / 80

अनुचुंबकीय पदार्थ की प्रवृत्ति है

31 / 80

अनुचुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति है

32 / 80

निकेल हैं

33 / 80

तप्त तार ऐमीटर मापता है प्रत्यावर्ती धारा का

34 / 80

प्रेरकत्व L में बहने वाली i धारा के कारण गतिज ऊर्जा होती है

35 / 80

विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना खोज की गई थी

36 / 80

चुम्बकीय क्षेत्र के फ्लक्स की S.I. इकाई होती है –

37 / 80

निम्नलिखित में से किसकी चुंबकशीलता अधिक होती है?

38 / 80

तप्त तार ऐमीटर मापता है प्रत्यावर्ती धारा का –

39 / 80

चुम्बकीय प्रेरण के समय के साथ बदलने से किसी बिन्दु पर उत्पन्न होता है –

40 / 80

चुंबकीय फ्लक्स का मात्रक होता है

41 / 80

डायनेमो किस सिद्धांत पर कार्य करता है

42 / 80

धातु के प्लेट में भंवर धाराएं होती है

43 / 80

शैथिल्य प्रदर्शित करते हैं

44 / 80

जब एक चुंबकीय क्षेत्र में धातु का गोला गतिमान कराया जाता है तब वह गर्म हो जाता है क्योंकि

45 / 80

अन्योन्य प्रेरकत्व का मात्रक है

46 / 80

चुम्बकीय फ्लक्स का SI मात्रक नहीं है ।

47 / 80

अनयोन्व प्रेरकत्व का मात्रक है

48 / 80

लेंज का नियम पालन करता है

49 / 80

विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना के आविष्कारक थे

50 / 80

जब किसी कुंडली के निकट से किसी चुंबक का दक्षिणी ध्रुव दूर ले जाया जाता है तब उसमें उत्पन्न प्रेरित विद्युत धारा की दिशा होती है

51 / 80

प्रेरण कुंडली का व्यवहार किया जाता है

52 / 80

लेंज का नियम संबंध है

53 / 80

एक चुंबक एक बंद चालक के निकट स्थित है चालक में धारा उत्पन्न की जा सकती है यदि

54 / 80

निम्नलिखित में किस धातु की चुम्बकीय प्रवृत्ति एक से कम और ऋणात्मक होती है?

55 / 80

प्रेरण कुंडली एक यंत्र है जिसके द्वारा उत्पन्न होती है

56 / 80

ताँबा होता है –

57 / 80

पृथ्वी की विषुवत् रेखा पर निर्बाध लटकी चुम्बकीय सूई –

58 / 80

निर्वात की चुंबकीय प्रवृत्ति का मान होता है

59 / 80

विद्युत चुंबकीय प्रेरण की घटना खोजी गई थी

60 / 80

जब एक चुंबकीय क्षेत्र में धातु का गोला गतिमान कराया जाता है तब यह गर्म हो जाता है क्योंकि

61 / 80

यदि किसी चुम्बक को चुम्बकीय याम्योत्तर की दिशा में इस प्रकार रखा जाए कि उसका उत्तरी ध्रुव उत्तर की ओर हो तब उदासीन बिन्दुओं की संख्या होगी

62 / 80

विद्युत चुम्बक बनाने के लिए पदार्थ में होनी चाहिए –

63 / 80

यदि L तथा R क्रमशः प्रेरकत्व व प्रतिरोध को व्यक्त करते हो तो L/R की विमा होगी

64 / 80

चुंबकीय याम्योत्तर और भौगोलिक याम्योत्तर के बीच के कोण को कहते हैं

65 / 80

निम्लिखित में किन की चुम्बकशिलता अधिक होगी

66 / 80

एक सीधा चालक छड़ पूर्व-पश्चिम की ओर क्षैतिज स्थिर रखा गया है। इसे गिरने के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके सिरों के बीच विभवान्तर

67 / 80

उदग्र तल में चालक तार की वृत्ताकार कुंडली रखी हुई है। इसकी ओर एक छड़ चुम्बक लाया जा रहा है। चुम्बक का उत्तरी ध्रुव कुंडली की ओर है। चुम्बक की तरफ से देखने पर कुंडली में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा होगी

68 / 80

नमन कोण का मान उत्तरी ध्रुव से विषवुत रेखा की ओर जाने पर

69 / 80

किसी बन्द परिपथ का प्रतिरोध 10 ओम है। इस परिपथ से t समय (सेकेण्ड) में, चुम्बकीय फ्लक्स (वेबर में) φ = 6t2–5t +1 से परिवर्तित होता है। t= 0.25 सेकेण्ड पर परिपथ में प्रवाहित धारा (एम्पियर में) होगी

70 / 80

जब किसी कुंडली के निकट किसी चुम्बक का दक्षिणी ध्रुव दूर ले जाया जाता है तब उसमें उत्पन्न प्रेरित विद्युत धारा की दिशा होती है –

71 / 80

लेंज का नियम किस भौतिक राशि के संरक्षण पर आधारित है –

72 / 80

चुंबकीय बल रेखाएं चुंबक के किस ध्रुव से निकलती हैं –

73 / 80

चुंबकीय याम्योत्तर और भौगोलिक याम्योत्तर के बीच के कोण को कहते हैं

74 / 80

लेंज का नियम पालन करता है

75 / 80

प्रेरण कुंडली एक यंत्र है जिसके द्वारा उत्पन्न होती है

76 / 80

चुंबकशीलता की बीमा होती है

77 / 80

उदग्र तल में चालक तार की वृत्ताकार कुंडली रखी हुई है इसकी ओर एक छड़ चुंबक लाया जा रहा है चुंबक का उत्तरी ध्रुव कुंडली की ओर है चुंबक की तरफ से देखने पर कुंडली में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा होगी

78 / 80

चुंबकीय प्रेरण का S.I मात्रक है

79 / 80

विद्युत चुंबक नरम लोहे के बनाए जाते हैं क्योंकि नरम लोहा रखती है

80 / 80

डायनेमो के कार्य का सिद्धांत आधारित है –

Your score is

0%

error: