1. लेंस की शक्ति का मात्रक है –

(A) लैम्डा
(B) कैण्डेला
(C) डायोप्टर
 
(D) वाट

 

2. एक रंग-दोषयुक्त नेत्र इन रंगों के विभेद नहीं कर सकता है –

(A) लाल एवं नीला
(B) नीला एवं हरा
(C) लाल एवं हरा
(D) लाल एवं पीला
 

 

3. जब लाल फूल को किसी हरे काँच के टुकड़े द्वारा देखा जाता हैतो वह प्रतीत होता है –

(A) लाल
(B) हरा
(C) पीला
(D) काला
 

 

4. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में प्रतिबिम्ब बनता है –

(A) वास्तविक और सीधा
(B) वास्तविक तथा उल्टा
(C) काल्पनिक और उल्टा
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

5. किस रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे कम होता है ?

(A) लाल
(B) पीला
(C) नीला
(D) बैंगनी
 

 

6. किस दर्पण में वस्तु का प्रतिबिम्ब हमेशा छोटा एवं आभासी दिखाई पड़ता है ?

(A) समतल
(B) उत्तल
 
(C) अवतल
(D) इनमें से कोई नहीं

 

7. तरंगदैर्घ्य के बढ़ने के साथ अपवर्तनांक का मान :

(A) घटता है 
(B) बढ़ता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

8. प्रकाश हवा से काँच में प्रवेश करती हैइसका तरंगदैर्घ्य :

(A) बढ़ता है
(B) घटता है
 
(C) नहीं बदलता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

9. काँच के लिए किस रंग का अपवर्तनांक अधिक होता है ?

(A) लाल
(B) पीला
(C) नीला
(D) बैंगनी
 

 

10. किस रंग का तरंगदैर्ध्य सबसे अधिक होता है ?

(A) लाल 
(B) पीला
(C) नीला
(D) बैंगनी

 

11. तरंगदैर्घ्य का मान बढ़ने से अपवर्तनांक का मान –

(A) बढ़ता है
(B) घटता है
 
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

12. संयुक्त सूक्ष्मदर्शी में (केवल) अभिदृश्यक द्वारा किसी वस्तु से बना प्रतिबिम्ब होता है –

(A) वास्तविकसीधा और उल्टा
(B) काल्पनिकसीधा और आवर्धित
(C) वास्तविकउल्टा और आवर्धित
 
(D) काल्पनिकउल्टा और आवर्धित

 

13. जब संयुक्त सूक्ष्मदर्शी की लम्बाई बढ़ती है तब इसकी आवर्धन क्षमता –

(A) घटती है
(B) बढ़ती है
 
(C) शून्य हो जाती है
(D) अपरिवर्तित रहती है

 

14. आँख के उस गुण कोजो भिन्न-भिन्न दूरी पर स्थित वस्तुओं को फोकस करने में मदद देता है –

(A) समंजन क्षमता 
(B) निकट-दृष्टि
(C) दीर्घ-दृष्टि
(D) इनमें से कोई नहीं

 

15. निकट-दृष्टि दोष वाली आँख साफ-साफ देख सकती है –

(A) अनंत पर की वस्तुओं को
(B) दूर स्थित वस्तुओं को
(C) निकट की वस्तुओं को
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

16. निकट-दृष्टि दोष के उपचार के लिए व्यवहार किया जाता है –

(A) अवतल लेंस 
(B) उत्तल लेंस
(C) बाइफोकल लेंस
(D) बेलनाकार लेंस

 

17. दीर्घ-दृष्टि-दोषयुक्त व्यकित साफ-साफ नहीं देख सकता है –

(A) निकट की वस्तु को 
(B) दूर की वस्तु को
(C) अनंत की वस्तु को
(D) इनमें से कोई नहीं

 

18. दीर्घ-दृष्टि के इलाज के लिए –

(A) उत्तल लेंस 
(B) अवतल लेंस
(C) समतलोत्तल लेंस
(D) बेलनाकार लेंस का उपयोग होता है

 

19. एक आदमी अपने चश्मा के लेंस को घुमाता है और पाता है कि समायोजन नष्ट हो गया। यह बताता है कि वह आदमी पीड़ित है।

(A) निकट-दृष्टि से
(B) दीर्घ-दृष्टि से
(C) जरा-दृष्टि से
 
(D) अबिन्दुकता से

 

20. विभिन्न तलों में कॉर्निया की वक्रता से जो दृष्टि दोष होता हैउसे –

(A) निकट-दृष्टि से
(B) दीर्घ-दृष्टि से
(C) जरा-दृष्टि से
(D) अबिन्दुकता से
 

 

21. जब नेत्र-लेंस की क्षमता बढ़ जाती हैजिससे दूरस्थ वस्तु से आने वाली किरणें रेटिना के पहले ही फोकस हो जाती है तब आदमी को किस तरह का नेत्र-दोष होता है ?

(A) निकट-दृष्टि 
(B) दीर्घ-दृष्टि
(C) जरा-दृष्टि

 

22. खगोलीय दूरदर्शी में अंतिम प्रतिबिम्ब होता है –

(A) वास्तविक एवं सीधा
(B) वास्तविक एवं उल्टा
(C) काल्पनिक एवं उल्टा
 
(D) काल्पनिक एवं सीधा

 

23. जब माइक्रोस्कोप की नली की लंबाई बढ़ायी जाती है तब आवर्धन क्षमता

(A) बढ़ती है 
(B) घटती है
(C) शून्य हो जाती है
(D) अपरिवर्तित रहती है

 

24. एक निकट दृष्टिदोष से ग्रसित व्यक्ति स्पष्ट देखने के लिए व्यवहार करता है

(A) उत्तल लेंस
(B) अवतल लेंस
 
(C) बेलनाकार लेंस
(D) द्विनाभ्यांतर लेंस

 

25. हम सूर्य को देखते हैं इसके क्षैतिज पर आ जाने के थोड़ा पहले तथा इसके क्षैतिज के नीचे अस्त हो जाने के थोड़ा बाद तकइसका कारण है –

(A) पूर्ण आंतरिक परावर्तन
(B) अपवर्तन
 
(C) प्रकीर्णन
(D) इनमें से कोई नहीं

 

26. आँख के जिस भाग के कारण वस्तुओं के आकार एवं रंग का ज्ञान होता हैवह है –

(A) आइरिस
(B) नेत्र लेंस
(C) प्रकाश शिराएँ
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

27. जरा दृष्टि के लिए उपयुक्त होता है –

(A) अवतल
(B) उत्तल
(C) बाइफोकल
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

28. किस कारण से हवा का एक बुलबुला पानी के अन्दर चमकता नजर आता है ?

(A) अपवर्तन से
(B) परावर्तन से
(C) विवर्तन से
(D) पूर्ण परावर्तन से
 

 

29. वस्तु से बड़ा आभासी प्रतिबिम्ब बनता है –

(A) उत्तल दर्पण से
(B) अवतल दर्पण से
 
(C) समतल दर्पण से
(D) अवतल लेंस से

 

30. किसी लेंस की फोकस दूरी निर्भर नहीं करती है –

(A) लेंस के अपवर्तनांक पर
(B) वस्तु की दूरी पर
 
(C) लेंस की दोनों सतहों की वक्रता-त्रिज्या पर
(D) इनमें से कोई नहीं

 

31. अवतल लेंस और वास्तविक बिम्ब के लिए प्रतिबिम्ब हमेशा-

(A) वास्तविक एवं आवर्धित होगा
(B) वास्तविक एवं छोटा होगा
(C) आभासी एवं आवर्धित होगा
(D) आभासी एवं छोटा होगा
 

 

32. एक उत्तल लेंस में वस्तु और इसके वास्तविक प्रतिबिम्ब के बीच न्यूनतम दूरी होती है –

(A) 4ƒसे अधिक
(B) 4ƒसे कम
(C) 2ƒके बराबर
(D) 4fके बराबर
 

 

33. यदि किसी वस्तु तथा उत्तल लेंस से बने उसके प्रतिबिम्ब के बीच की दूरी 4ƒहोतो प्रतिबिम्ब का आवर्धन –

(A) एक से कम
(B) एक के बराबर
 
(C) एक से अधिक
(D) शून्य होगा

 

34. एक लेंस को जब 1.6 अपवर्तनांक वाले द्रव में डुबाया जाता है तब लेंस नहीं दिखाई पड़ता है। लेंस के पदार्थ का अपवर्तनांक –

(A) 1.6 
(B) 0.8
(C) 3.2
(D) अनंत

 

35. काँच के अवतल लेंस को जब पानी में डुबाया जाता हैतब यह हो जाता है

(A) कम अभिसारी
(B) अधिक अभिसारी
(C) कम अपसारी
 
(D) अधिक अपसारी

 

36. यदि किसी लेंस की फोकस दूरी 20 सेमी० होतो इसकी क्षमता होगी

(A) 5 डायोप्टर 
(B) 20 डायोप्टर
(C) 0.5 डायोप्टर
(D) 0.05 डायोप्टर

 

37. यदि लेंस की क्षमता +lD होतो उसकी फोकस दूरी होगी –

(A) 1 मीटर 
(B) 0.5 मीटर
(C) 2 मीटर
(D) 1.5 मीटर

 

38. मानव नेत्र का विभेदन क्षमता ( मिनट में ) होता है”

(A) 1/60
(B) 1
(C) 10
(D) ½
 

 

39. दो लेंसों की क्षमता क्रमशःP1 तथा P2 है तब समतुल्य लेंस की क्षमता होगी –

(A) P1 + P2 
(B) P1 x P2
(C) p/ p2
(D) p/ p1

 

40. यदि समान फोकस दूरी के दो अभिसारी लेंस एक दूसरे के सम्पर्क में रखे होंतब संयोग की फोकस दूरी होगी –

(A) ƒ
(B) 2ƒ
(C) ƒ/2
 
(D) 3ƒ

 

41.पानी में हवा का एक द्विउत्तल बुलबुला इस प्रकार कार्य करेगा जैसे एक

(A) संसृतकारी लेंस
(B) अपसारी लेंस
 
(C) काँच की समतल पट्टी
(D) अवतल लेंस

 

42. दो उत्तल लेंस जो एक दूसरे के सम्पर्क में हैंका समतुल्य लेंस है –

(A) उत्तल 
(B) अवतल
(C) समतलावतल
(D) बेलनाकार

 

43. ऑप्टिकल फाइबर किस सिद्धांत पर काम करता है ?

(A) प्रकीर्णन
(B) अपवर्तन
(C) वर्ण-विक्षेपण
(D) पूर्ण-आंतरिक परावर्तन
 

 

44. सक्ष्मदर्शी एवं दूरदर्शक दोनों में से किसके लेंसों की फोकस दूरियों में अधिक अंतर होता है ?

(A) दूरदर्शक 
(B) सूक्ष्मदर्शी
(C) दोनों में
(D) इनमें से कोई नहीं

 

45. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के अभिदृश्य लेंस से बना प्रतिबिम्ब –

(A) काल्पनिक व छोटा
(B) वास्तविक व छोटा
(C) वास्तविक व बड़ा
 
(D) काल्पनिक व बड़ा

 

46. एक उत्तल लेंस को ऐसे द्रव में डुबाया जाता हैजिसका अपवर्तनांक लेंस के पदार्थ के अपवर्तनांक के बराबर होतो लेंस की फोकस दूरी –

(A) शून्य हो जाएगी
(B) अनन्त होगी
 
(C) घट जाएगी
(D) बढ़ जाएगी

 

47. दूर दृष्टिदोष को दूर करने के लिए प्रयुक्त लेंस होता है –

(A) उत्तल 
(B) अवतल
(C) बेलनाकार
(D) समतल-उत्तल

 

48. प्रकाश तन्तु संचार किस घटना पर आधारित है

(A) सम्पूर्ण आंतरिक परावर्तन 
(B) प्रकीर्णन
(C) विवर्तन
(D) अपवर्तन

 

49. एक वस्तु के तीन प्रतिबिम्ब प्राप्त करने के लिए दो समतल दर्पण को…… कोण झुका कर रखना होता है।

(A) 60°
(B) 90°
 
(C) 120°
(D) 30°

 

50. एक खगोलीय दूरबीन की लम्बाई 16 cm है और इसकी आवर्धन क्षमता 3 है। लेंसों की फोकस दूरियाँ होंगी :

(A) 4 cm, 12 cm 
(B) 4 cm, 8 cm
(C) 4 cm, 2 cm
(D) 8 cm, 4 cm

 

51. एक गोलीय दर्पण को पानी में डुबा दिया जाता है। इसकी फोकस दूरी :

(A) बढ़ जाएगी
(B) घट जाएगी
(C) अचर रहेगी
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

52. एक प्रकाश किरण काँच (अपवर्तनांक = 5/3) से पानी में अपवर्तनांक (4/3) में जा रही है। क्रांतिक कोण होगा :

(A) sin-1 (1/2)
(B) sin-1 (4/5)
 
(C) sin-1 (5/6)
(D) इनमें से कोई नहीं

 

53. एक पतला प्रिज्म (अपवर्तनांक = 3/2) को हवा से द्रव (अपवर्तनांक = 5/4) में डुबाया जाता है। विचलन कोण का अनुपात दो अवस्थाओं में होगा :

(A) 15/8
(B) 8/15
(C) 5/2
 
(D) 2/5

 

54. किसी समबाहु त्रिभुजाकार आधार के प्रिज्म पदार्थ का अपवर्तनांक 13 है। इस प्रिज्म के लिए न्यूनतम विचलन कोण है :

(A) 30°
(B) 37°
(C) 45°
(D) 60°
 

 

55. एक उत्तल लेंस दो पदार्थों से बना हुआ हैजैसा कि निम्नांकित चित्र में दिखाया गया है। इस उत्तल लेंस से कितने प्रतिबिम्ब बन सकते हैं:

(A) 1 
(B) 2
(C) 3
(D) 4

 

56. एक ग्लास अपवर्तनांक = μ की मोटाई t बराबर है

(A) (μ-1)t निर्वात के 
(B) 
μ/t निर्वात के
(C) 
μt निर्वात के
(D) इनमें से कोई नहीं

 

57. एक पतले लेंस को जब 1.6 अपवर्तनांक वाले द्रव में डुबाया जाता हैतब लेंस नहीं दिखाई पड़ता है। लेंस का अपवर्तनांक :

(A) 1.6
(B) 0.8
(C) 3.2
(D) अनंत
 

 

58. दो समतल दर्पण के बीच में एक वस्तु को रखा गया है। यदि दर्पणों के बीच का कोण 60° हो तो महत्तम प्रतिबिम्बों की संख्या होगी :

(A) 2
(B) 3
(C) 5
 
(D) 6

 

59. इनमें से किस जोड़ों के लिए क्रांतिक कोण न्यूनतम होगा :

(A) पानी-हवा
(B) काँच-पानी
(C) काँच-हवा
 
(D) काँच-काँच

 

60. प्रकाश किरण समबाहु प्रिज्म (अपवर्त्तनांक 3/2) पर अभिलंब रूप से आपतित होती है। प्रकाश किरण का विचलन :

(A) 15°
(B) 30°
(C) 45°
(D) 60°
 

 

61. -1.5 D एवं +2.5 D क्षमता के दो लेंस सम्पर्क में रखे गये हैं। इस संयोजन की फोकस दूरी होगी :

(A) 1 m 
(B) 5 m
(C) 10 m
(D) 20 m

 

62. μ अपवर्तनांक वाले पतले प्रिज्म का न्यूनतम विचलन कोण होता है –

(A) (1 – μ)A
(B) (
μ – 1)A 
(C) (
μ + 1)A
(D) (1 + 
μ)A2

 

63. प्रिज्म से होकर गुजरने वाले श्वेत-प्रकाश का न्यूनतम विचलित अवयव होता है –

(A) लाल 
(B) बैंगनी
(C) हरा
(D) पीला

 

64. एक उत्तल लेंस (अपवर्तनांक 1.5) को पानी (अपवर्तनांक 1.33) में डुबाया जाता हैतो उसका सामर्थ्य –

(A) बढ़ जाता है
(B) घट जाता है
 
(C) अपरिवर्तित होता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

65. 2 डायोप्टर और –3.5 डायोप्टर के लेन्स संपर्क में हैतो संयोग की क्षमता होगी –

(A) +1 D
(B) -1.5 D
 
(C) 2 D
(D) –3.5 D

 

66. प्रकाश की किरण विचलित नहीं होती है –

(A) समतल दपर्ण से लम्बवत् परावर्तित होने पर
(B) समतल दपर्ण से तिरछी परावर्तित होने पर
(C) प्रिज्य से होकर निकलने पर
(D) आयताकार पट्टिका को समांतर सतहों पर अपवर्तित होकर निकलने पर
 

 

67. एक द्विउत्तल लेंस का फोकसान्तर 30 सेमी० तथा 45 सेमी० है और उसमें पदार्थ के अपवर्तनांक 3/2 है और पानी में डुबाने पर उसके अपवर्तनांक 4/3 हैं तो पानी में लेंस की फोकस दूरी होगी –

(A) चार गुना 
(B) 1/4 गुना
(C) 1/8 गुना
(D) अपरिवर्तित

 

68. 10 सेमी० फोकस दूरी के उत्तल लेंस की क्षमता होगी

(A) -10 D
(B) +10 D
 
(C) 95 D
(D) +5 D

 

69. 1.5 अपवर्तनांक के एक प्रिज्म के न्यूनतम विचलन कोण का मान प्रिज्म के कोण के बराबर है तो प्रिज्म का कोण है- (cos 40° = 0.75 दिया हुआ है)

(A) 62°
(B) 41°
(C) 82°
 
(D) 31°

 

70. सरल सूक्ष्मदर्शी से बना हुआ प्रतिबिम्ब होता है –

(A) आभासी और सीधा 
(B) काल्पनिक और उल्टा
(C) वास्तविक और सीधा
(D) वास्तविक और उल्टा

 

71. संयुक्त-सूक्ष्मदर्शी में अभिदृश्यक और नेत्रिका की आवर्धन क्षमता क्रमशः m0 और me है। सूक्ष्मदर्शी की आवर्धन क्षमता है –

(A) m0 + me
(B) mme
 
(C) m– me
(D) m0 x me

 

72. एक संयुक्त-सूक्ष्मदर्शी की नेत्रिका और अभिदृश्यक के बीच अधिकतम दूरी होती है –

(A) नेत्रिका और अभिदृश्यक की फोकस दूरियों के योग से अधिक 
(B) नेत्रिका और अभिदृश्यक की योग के बराबर
(C) नेत्रिका और अभिदृश्यक की फोकस दरियों के योग से कम
(D) नेत्रिका और अभिदृश्यक की फोकस दूरियों के योग के बराबर

 

73. यदि किसी दूरबीन के अभिदृश्यक एवं नेत्रिका की फोकस दूरियाँ क्रमश: 20 से०मी० एवं 2 से०मी० हों तो इस दूरबीन की आवर्धन क्षमता होगी –

(A) 2
(B) 20
(C) 10
 
(D) 22

 

74. किसी दूरदर्शक की आवर्धन-क्षमता 20 है और उसके वस्तु लेंस और नेत्र लेंस के बीच की दूरी सामान्य-दृष्टि के लिए 42 से०मी० है। वस्तु लेंस तथा नेत्र लेंस की फोकस दूरियाँ क्रमशः हैं –

(A) 20 से०मी० और 21 से०मी०
(B) 40 से०मी० और 2 से०मी०
 
(C) 40 से०मी० और 20 से०मी०
(D) 2 से०मी० और 40 से०मी०

 

75. एक दूरबीन के अभिदृश्यक की फोकस दूरी 60 से०मी० है। 20 गुना आवर्धन प्राप्त करने के लिए नेत्रिका की फोकस दूरी होनी चाहिए –

(A) 2 से०मी०
(B) 3 से०मी०
 
(C) 4 से०मी०
(D) 5 से०मी०

 

76. सामान्य आँख के लिए स्पष्ट दृष्टि की न्यूनतम दूरी है –

(A) 100 से०मी०
(B) 50 से०मी०
(C) 250 से०मी०
(D) 25 से०मी०
 

 

77. मनुष्य के आँख की रेटिना पर किसी वस्तु का बना प्रतिबिम्ब होता है –

(A) काल्पनिक और सीधा
(B) वास्तविक और उल्टा
 
(C) वास्तविक और सीधा
(D) काल्पनिक और उल्टा

 

78. निकट-दृष्टि-दोषयुक्त एक मनुष्य के लिए दूर बिन्दु की दूरी 100 से०मी० है। उसे कितनी शक्ति के लेंस का व्यवहार करना होगा ?

(A) + 2D
(B) – 2D
(C) -1 D
 
(D) +1 D

 

79. दीर्घ-दृष्टि दोष से पीड़ित व्यक्ति 1.5 मीटर से समीप वाली वस्तु को देखने में असमर्थ है। 30 से०मी० दूर वाली पुस्तक को वह पढ़ना चाहता है। उसके चश्मे के लेंस की क्षमता होगी –

(A) +2.67 D 
(B) –2.67 D
(C) +2.5 D
(D) -2.5 D

 

80. सामान्य समायोजन में खगोलीय दूरबीन की लम्बाई होती है –

(A) ƒ0 – ƒe
(B) ƒ0 x ƒe
(C) ƒ0e
(D) ƒ0 + ƒe
 

 

81. सामान्य समायोजन में खगोलीय दूरबीन की आवर्धन क्षमता होती है –

(A) ƒ0 – ƒe
(B) ƒ0 x ƒe
(C) ƒ0 / ƒe
 
(D) ƒ0 + ƒe

 

82. 4 डायोप्टर क्षमता का अभिसारी लेंस एक सरल सूक्ष्मदर्शी के समान इस्तेमाल किया जाएतो इसकी आवर्धन क्षमता होती है –

(A) 4
(B) 5
(C) 2
 
(D) 1

 

83. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के वस्तु लेंस तथा चक्षु लेंस क्रमश: 10 तथा 5 आवर्धक उत्पन्न करते हैं तो संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के कुल आवर्धन होंगे –

(A) 50 
(B) 15
(C) 5
(D) 2

 

84. एक संयुक्त सूक्ष्मदर्शी के वस्तु लेंस तथा चक्षु लेंस क्रमशः 4 से०मी० तथा 5 से०मी० हैं तो 6 से०मी० दूरी पर रखे वस्तु के लिए आवर्धन-क्षमता होगी –

(A) 6
(B) 12
 
(C) 24
(D) इनमें से कोई नहीं

 

85. लेंस के द्वारा कितने प्रतिबिम्ब बनेंगे यदि वस्तु को प्रधान अक्ष पर रखा जाये ?

(A) 1
(B) 2
 
(C) 3
(D) 7

 

86. दो लेंसों की फोकस दूरियाँ 10 से०मी० एवं 15 से०मी० हैं। इन्हें 12 से०मी० की दूरी पर समाक्षीय रूप में सजाया गया है। इस पर आपतित समानान्तर पुंज दाहिने लेंस से निकलने के बाद –

(A) अपसारी होगा 
(B) अभिसारी होगा
(C) समान्तर होगा
(D) इनमें से कोई नहीं

 

87. काँच के पूर्ण परावर्तक प्रिज्म का कोण होता है;

(A) 60°
(B) 30°
(C) 90°
 
(D) 120°

 

88. एक समतल दर्पण की वक्रता त्रिज्या होती है

(A) शून्य
(B) 5
(C) अनंत
 
(D) कोई नहीं

 

89. एक उभयोत्तल लेंस (μ = 1.5) के प्रत्येक तल की वक्रता त्रिज्या 20 सेमी० है। लेंस की क्षमता है –

(A) 5 D
(B) 10 D
(C) 2.5 D
 
(D) 20 D

 

90. एक आवर्धक ग्लास जिसकी क्षमता 12 डायप्टर हैकी आवर्धक क्षमता है –

(A) 4 
(B) 1200
(C) 3
(D) 25

 

91. काँच से हवा में प्रवेश करते समय प्रकाश का क्रांतिक कोण सबसे कम होता है –

(A) लाल रंग के लिए
(B) हरे रंग के लिए
(C) पीले रंग के लिए
(D) बैंगनी रंग के लिए
 

 

92. एक पतले प्रिज्म जिसका अपवर्तनांक μ है का न्यूनतम विचलन कोण है –

(A) (1 – μ)A
(B) (
μ – 1)A 
(C) (
μ + 1)A
(D) (
μ + 1)A2

 

93. एक लेंस (μ =1.5) का नाभ्यांतर हवा में 20 सेमीहै। इसका नाभ्यांतर एक माध्यम में जिसका अपवर्तनांक 1.5 हैहो जाता है –

(A) 20 सेमी०
(B) 40 सेमी०
(C) 10 सेमी०
(D)  
 

 

94. एक फोकस दूरी के उत्तल लेंस एक समान फोकस-दूरी के अवतल लेंस के साथ रखे गये हैं तो संयोग की फोकस दूरी होगी –

(A) 2ƒ
(B) शून्य
(C) अनन्त
 
(D) ƒ/2

 

95. यदि किसी समतलोत्तल लेंस का वक्र तक रंजित हो तो इसकी फोकस दूरी होगी –

(A) F = r/2μ 
(B) F = 2
μ/r
(C) F = 2
μr
(D) इनमें से कोई नहीं

 

96. एक लेंस की क्षमता 2 D है। इस पर एक समांतर किरणपुंज आपतित होता है। लेंस से कितनी दूरी के बाद किरणपुंज अभिसारी हो जाएगा ?

(A) 50 cm 
(B) 2 m
(C) 1 m
(D) इनमें से कोई नहीं

 

97. जल और काँच के अपवर्तनांक क्रमशः 4/3 और 3/2 हैं। जल का काँच की अपेक्षा अपवर्तनांक होगा –

(A) 2
(B) 1/2
(C) 9/8
(D) 8/9
 

 

98. किसी लेंस की फोकस दूरी निर्भर करती है –

(A) केवल इनकी सतहों की वक्रता-त्रिज्याओं पर
(B) इसकी सतह की त्रिज्या तथा इसके पदार्थ के अपवर्तनांक पर
(C) इसकी सतहों की वक्रता-त्रिज्याओं और इसके पदार्थ के अपवर्तनांक तथा इसको घेरनेवाले माध्यम के अपवर्तनांक सभी पर
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

99. एक द्विउत्तल लेंस की वक्रता त्रिज्या 10 सेमी० तथा 15 सेमी. है। यदि इस पदार्थ का अपवर्तनांक 1.5 होतो उसकी फोकस दूरी होगी –

(A) 12 सेमी० 
(B) 24 सेमी०
(C) 30 सेमी०
(D) 28 सेमी

 

100. एक उत्तल लेंस के ऊपर के आधे भाग को काले रंग से रंग दिया गया है। उसके द्वारा बनने वाले प्रतिबिम्ब की –

(A) आकार बढ़ेगा
(B) आकार घटेगा
(C) तीव्रता कम होगी
 
(D) उपर्युक्त से कोई नहीं

 

101. एक द्विउत्तल लेंस आभासी प्रतिबिम्ब बना सकता हैयदि वस्तु स्थित हो –

(A) लेंस और उसके फोकस के बीच 
(B) फोकस पर
(C) ƒतथा 2ƒ के बीच
(D) अनंत पर

 

102. समानांतर किरणों का एक पुंज किसी समतलोत्तल पतले लेंस के समतल सतह पर गिरता है और ƒसेमी० की फोकस दूरी होती है। यदि लेंस को उलट दिया जायतो फोकस दूरी –

(A) बढ़ जाएगी
(B) घट जाएगी
(C) वही रह जाएगी
 
(D) शून्य हो जाएगी. ..

 

103. जब ƒफोकस दूरी वाले उत्तल लेंस को पानी में डुबाया जाता हैतो लेंस की फोकस दूरी –

(A) ƒके बराबर होती है
(B) 2ƒ के बराबर होती है
(C) ƒ/2 के बराबर होती है
(D) 4ƒ के बराबर होती है
 

 

104. एक लेंस (μ = 1.5) की फोकस-दूरी हवा में 20 सेमी. है। उस लेंस की फोकस दूरी 1.5 अपवर्तनांक वाले माध्यम में –

(A) 20 सेमी०
(B) 40 सेमी०
(C) 5 सेमी०
(D) अनन्त होगी
 

 

105. यदि किसी लेंस की फोकस ƒमीटर होतो इसकी क्षमता का मान होगा –

(A) ƒडायोप्टर
(B) 1/ƒ डायोप्टर
 
(C) 1.5ƒ डायोप्टर
(D) इनमें से कोई नहीं

 

106. किसी प्रिज्म पर एकवर्णी प्रकाश के आपतित होने पर निम्न में से कौन-सी घटना होती है ?

(A) वर्ण-विक्षेपण
(B) विचलन
 
(C) व्यतिकरण
(D) उपरोक्त सभी

 

107. तीन लेंस जिनकी फोकस दूरी 20 सेमी०,-30 सेमी० और 60 सेमी० हैएक-दूसरे से सटे रखे हैं। इस संयोजन की फोकस लम्बाई है –

(A) 50 सेमी०
(B) 30 सेमी०
 
(C) 10 सेमी०
(D) 20 सेमी०

 

108. 20 सेमी० और –40 सेमी० फोकस दूरी वाले दो लेंसों के संयोग के समतुल्य लेंस की क्षमता (डायोप्टर में) होगी –

(A) 5
(B) 2.5
 
(C) -5
(D) –2.5

109. किसी वस्तु और एक अभिसारी लेंस द्वारा बनाये गये वास्तविक प्रतिबिम्ब के बीच की न्यूनतम दूरी क्या होगीयदि लेंस की फोकस दूरी 20 सेमी० हो ?

(A) 20 सेमी०
(B) 40 सेमी०
(C) 80 सेमी०
 
(D) शून्य

 

110. 40 सेमी० के फोकस दूरी का एक उत्तल लेंस 25 सेमी० के फोकस दूरी के एक उत्तल लेंस के सम्पर्क में हैतो संयोग की क्षमता होगी –

(A) -1.5 D
(B) -6.5 D
(C) +6.5 D
(D) +5.6 D
 

 

111. प्रकाश की एक किरण जब मोटे लेंस से गुजरती है तब रंगीन प्रतिबिम्ब बनने के कारण होता है –

(A) प्रकाश का वर्ण-विक्षेपण
(B) प्रकाश का अपवर्तन
(C) वर्ण-विपथन
 
(D) गोलीय विपथन


112. एक उभयोत्तल लेंस के पदार्थ का अपवर्तनांक 1.5 है। इसकी फोकस दूरी का मान क्या होगा ? यदि इसके प्रत्येक तल की वक्रता त्रिज्या 20 सेमी० है –

(A) 60 सेमी०
(B) 40 सेमी०
(C) 20 सेमी०
 
(D) 10 सेमी०

 

113. दो लेंस जिनकी क्षमता –15D तथा +5D हैको संयुक्त करने पर संयोजन की फोकस दूरी होगी –

(A) -10 सेमी० 
(B) –20 सेमी०
(C) +10 सेमी०
(D) इनमें से कोई नहीं

 

114. माध्यम I से माध्यम II को जाने वाली प्रकाश-पुंज के लिए क्रांतिक कोण θ है। प्रकाश प्रकाश का वेग माध्यम I में V हैतो प्रकाश का वेग माध्यम II में होगा –

(A) ν(1 – cosθ)
(B) 
ν/sinθ 
(C) 
ν/cosθ
(D) 
ν(1- sinθ)

 

115. एक सूक्ष्मदर्शी को 1 इंच की दूरी पर अवस्थित वस्तु के लिए उपयोग किया जाता है। यदि m = 5 (आवर्धन क्षमता 5 गुणा) करनी हैतो प्रयुक्त लेंस की फोकस दूरी होनी चाहिए –

(A) 0.2
(B) 0.8
 
(C) 1.25

(D) 5

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