1. प्रेरण कुण्डली जनित्र (Induction coil generator) होती है

(A) प्रबल धारा
(B) उच्च वोल्टता
 
(C) अल्प-धारा
(D) अल्प वोल्टता

 

2. चुम्बकीय फ्लक्स का S.I. मात्रक है –

(A) वेबर 
(B) वेबर x मीटर
(C) वेबर/मीटर2
(D) टेसला

 

3. विद्युत्-चुम्बकीय प्रेरण की घटना खोजी गई थी –

(A) फैराडे द्वारा 
(B) फ्लेमिंग द्वारा
(C) लेंज द्वारा
(D) रूमकॉर्फ द्वारा

 

4. स्व प्रेरकत्व का S.I. मात्रक है –

(A) कूलम्ब(C)
(B) वोल्ट (V)
(C) ओम (
Ω)
(D) हेनरी (H)
 

 

5. अन्योन्य प्रेरण (mutual induction) का S.I. मात्रक है –

(A) हेनरी 
(B) ओम
(C) टेसला
(D) इनमें से कोई नहीं

 

6. चुम्बकीय फ्लक्स का SI मात्रक नहीं है

(A) Tm2
(B) Wb
(C) volts
(D) H
 

 

7. चम्बकीय प्रेरण के समय के साथ बदलने से किसी बिन्दु पर उत्पन्न होता है

(A) गुरुत्वीय क्षेत्र
(B) चुम्बकीय क्षेत्र
(C) वैद्युत क्षेत्र
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

8. ट्रांसफॉर्मर कार्य करता  है

(A) केवल d.c. 
(B) केवल a.c.
(C) a.c. और d.c. दोनों
(D) इनमें से कोई नहीं

9. तप्त तार ऐमीटर मापता है प्रत्यावर्ती धारा का

(A) उच्चतम मान
(B) औसत मान
 
(C) मूल औसत वर्ग धारा
(D) इनमें से कोई नहीं

 

10. एक सीधा चालक छड़ पूर्व-पश्चिम की ओर क्षैतिज स्थिर रखा गया है। इसे गिरने को के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके सिरों के बीच विभवान्तर

(A) शून्य रहेगा
(B) बढ़ता जायेगा
 
(C) घटता जायेगा
(D) की दिशा बदलती रहेगी

 

11. यदि डेनियल सेल को प्राथमिक कुण्डली के सिरों के बीच जोड़ दें तो फ्लक्स में परिवर्तन होगा –

(A) 10 वेबर
(B) 20 वेबर
(C) शून्य
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

12. जब किसी कुंडली के निकट किसी चुम्बक का दक्षिणी ध्रुव दूर ले जाया जाता है तब उसमें उत्पन्न प्रेरित विद्यत धारा की दिशा होती है :

(A) वामावर्त्त 
(B) दक्षिणावर्त
(C) कभी वामावर्त्त कभी दक्षिणावर्त्त
(D) इनमें से कोई नहीं

 

13. एक चुम्बक एक बंद चालक के निकट स्थित है। चालक में धारा उत्पन्न की जा सकती है। यदि :

(A) केवल चुम्बक गतिशील हो
(B) केवल चालक गतिशील हो ।
(C) चुम्बक और चालक दोनों गतिशील हों
(D) चालक और चुम्बक के बीच आपेक्षिक गति हो
 

 

14. प्रेरण कुंडली से प्राप्त होता है :

(A) उच्च धाराप्रबल विद्युत वाहक बल
(B) निम्न धाराप्रबल विद्युत वाहक बल
 
(C) प्रबल धारानिम्न विद्युत वाहक बल
(D) निम्न धारानिम्न विद्युत वाहक बल

 

15. क्या प्रेरित धारा और प्रेरित आवेश कण्डली के प्रतिरोध पर निर्भर करते हैं –

(A) हाँ 
(B) नहीं
(C) दोनों में एक
(D) इनमें से कोई नहीं

 

16. प्रेरण कुण्डली से प्राप्त होता है

(A) उच्च धारा पर प्रबल वि०वा० बल
(B) निम्न धारा पर प्रबल वि०वा० बल
 
(C) प्रबल धारा पर निम्न वि०वा० बल
(D) निम्न धारा पर निम्न वि०वा० बल

 

17. प्रेरण कुण्डली में संधारित्र के व्यवहार से द्वितीयक का वि०वा० बल –

(A) बढ़ जाता है 
(B) घट जाता है
(C) अपरिवर्तित रहता है
(D) शून्य हो जाता है

 

18. लेंज का नियम पालन करता है –

(A) बॉयो-सावर्त नियम का सिद्धान्त
(B) संवेग संरक्षणता का सिद्धान्त
(C) ऊर्जा संरक्षणता का सिद्धान्त
 
(D) आवेश संरक्षणता का सिद्धान्त

 

19. चुम्बकीय क्षेत्र के फ्लक्स की S.I. इकाई होती है –

(A) टेसला
(B) हेनरी
(C) वेबर
 
(D) जूल-सेकेण्ड

 

20. डायनेमो के कार्य का सिद्धांत आधारित है –

(A) धारा के ऊष्मीय प्रभाव पर
(B) विद्युत-चुम्बकीय प्रेरण
 
(C) प्रेरित चुम्बकत्व पर
(D) प्रेरित विद्युत पर

 

21. जब एक चुंबकीय क्षेत्र में धातु का गोला गतिमान कराया जाता हैतब यह गर्म हो जाता हैक्योंकि

(A) प्रत्यावर्ती धारा उत्पन्न होती है
(B) दिष्ट धारा उत्पन्न होती है।
(C) भँवर-धारा उत्पन्न होती है
 
(D) अतिरिक्त धारा उत्पन्न होती है

 

22. एक चुम्बकएक बन्द चालक के निकट स्थित है। चालक में धारा उत्पन्न की जा सकती है यदि-

(A) केवल चुम्बक गतिशील हो
(B) केवल चालक गतिशील हो
(C) चुम्बक और चालक दोनों गतिशील हों
(D) चालक और चुम्बक के बीच आपेक्षिक गति हो
 

 

23. निम्न में से कौन-सा नियम ऊर्जा संरक्षण के नियम पर आधारित है ?

(A) लेंज नियम 
(B) फैराडे का विद्युत विच्छेदन नियम
(C) एम्पियर का नियम
(D) इनमें से कोई नहीं

 

24. ट्रांसफॉर्मर का क्रोड बनाने के लिए सबसे उपयुक्त पदार्थ निम्नलिखित में से कौन है ?

(A) मुलाइम इस्पात 
(B) ताँबा
(C) स्टेनलेस स्टील
(D) अलनीको

 

25. उदग्र तल में चालक तार की वृत्ताकार कुंडली रखी हुई है। इसकी ओर एक छड़ चुम्बक लाया जा रहा है। चुम्बक का उत्तरी ध्रुव कुंडली की ओर है। चुम्बक की तरफ से देखने पर कंडली में प्रवाहित विद्युत धारा की दिशा होगी –

(A) वामावर्त 
(B) दक्षिणावर्त
(C) पहले वामावर्त पुनः दक्षिणावर्त
(D) पहले दक्षिणावर्त पुनः वामावर्त

 

26. प्रेरण कुण्डली का व्यवहार किया जाता है

(A) प्रतिरोध मापने के लिए
(B) विभवांतर मापने के लिए
(C) धारा मापने के लिए
(D) विसर्जन नलियों को चलाने के लिए
 

 

27. किसी परिपथ में 0.1s में धारा 5.0A से शुन्य तक गिरती है। यदि औसत विद्युतवाहक बल 200V प्रेरित हो तो परिपथ का स्वप्रेरकत्व होगा-

(A) 4 H 
(B) 3 H
(C) 4 mH
(D) 3 mH

 

28. पास-पास रखी कुण्डलियों के एक युग्म का अन्योन्य प्रेरकत्व 1.5 H है। इनमें एक कुण्डली में वैद्युत धारा शून्य से बढ़ते हुए 0.5s में 20A हो जाती है तो दूसरी कुण्डली से चुम्बकीय फ्लक्स बंधता में परिवर्तन है –

(A) 4 H
(B) 30 Wb
 
(C) 3.125V
(D) इनमें से कोई नहीं

 

29. यदि dA क्षेत्र पर डाला गया लम्ब चुम्बकीय क्षेत्र  के साथ θ कोण बनाता हो तब dA क्षेत्र पर चुम्बकीय फ्लक्स होगा –

(A) BdA cos θ 
(B) B.dA.cos
θ
(C) B . dA
(D) शून्य

 

30. यदि dA क्षेत्रफल सदिश पर चुम्बकीय क्षेत्र B लम्बवत् होतब dA क्षेत्र पर चुम्बकीय फ्लक्स होगा –

(A) BdA cosθ
(B) B.dA.cos
θ
(C) B.dA
(D) शून्य
 

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