1. उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन की ऊर्जा निर्भर करती है –

(A) प्रकाश की तीव्रता पर
(B) प्रकाश के तरंगदैर्ध्य पर
(C) धातु के कार्य-फलन पर
(D)(B) एवं(C) दोनों
 

 

2. फोटॉन की ऊर्जा (E) है –

(A) hυ 
(B) h
υ/c
(C) 1/2m
ν
(D) h/p

 

3. λ तरंगदैर्घ्य वाले फोटॉन की ऊर्जा है –

(A) hcλ
(B) hc/
λ 
(C) h
λ/c
(D) 
λ/hc

 

4. इनमें कौन अनाविष्ट है ?

(A) अल्फा कण
(B) बीटा कण
(C) फोटॉन
 

(D) प्रोटॉन

5. फोटॉन का संवेग होता है –

(A) hυ
(B) h/
υ
(C) h
υ/c 
(D) mc2

 

6. प्लांक नियतांक की विमा है –

(A) ML2T-1 
(B) ML2T-2
(C) MLT-1
(D) MLT-2

 

7. प्लांक नियतांक का मान SI मात्रक होता है –

(A) Js 
(B) Ws
(C) Js-1
(D) Js-2

 

8. एक्स किरणें बनी हैं –

(A) ऋणाविष्ट कणों से
(B) धनाविष्ट कणों से
(C) विद्युत्-चुम्बकीय विकिरण से
 
(D) न्यूट्रॉन से

 

9. दिए हुए किस धातु का न्यूनतम कार्य-फलन है ?

(A) सोडियम 
(B) बेरियम
(C) लोहा
(D) ताँबा

 

10. द्रव्य तरंग की परिकल्पना किया –

(A) प्लांक ने
(B) टॉमसन ने
(C) आइंस्टीन ने
(D) डी-ब्रॉग्ली ने
 

 

11. वह घटना जिसमें कुछ धातुओं पर प्रकाश पड़ने पर उनसे इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैंकही जाती है –

(A) प्रकाश-विद्युत् प्रभाव 
(B) फोटोग्राफी
(C) प्रकाशमिति
(D) प्रकाश-संश्लेषण

 

12. प्रकाश-विद्युत् प्रभाव होता है –

(A) प्रकाश के तरंग-प्रकृति के कारण
(B) प्रकाश के कण-प्रकृति के कारण
 
(C) दोनों ही कारणों से
(D) इनमें से कोई नहीं

 

13. निम्नलिखित में से किसकी विमाएँ प्लांक नियतांक के समान होगी ?

(A) बल x समय
(B) बल x दूरी
(C) बल x चाल
(D) बल – दूरी x समय
 

 

14. यदि एक मुक्त इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा दुगनी हो जाये तो डी.-ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य में बदलाव होगा :

(A) 1/2 
(B) 
2
(C) 1/2
(D) 2

 

15. सामान्य संकेतों में व्यक्त निम्नलिखित संबंधों में कौन डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λ का गलत सूत्र है ?

(A) λ = h/mν
(B) 
λ = h/2mE
(C) 
λ = h/3mKT
(D) 
λ = 2mqV/h 

 

16. यदि विराम से एक इलेक्ट्रॉन को 1 वोल्ट विभवांतर आरोपित कर त्वरित किया जाए तो उसकी गतिज ऊर्जा होगी –

(A) 1.6 x 10-19 जूल 
(B) 7.6 x 10-19 जूल
(C) 1.6 x 10-13 जूल
(D) इनमें से कोई नहीं

 

17. एक इलेक्ट्रॉन एवं एक फोटॉन की तरंग लंबाई 1.00 nm हैं। इनमें किसके संवेग का मान अधिक है ?

(A) इलेक्ट्रॉन
(B) फोटॉन
(C) दोनों के संवेगों के मान तुल्य हैं
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

18. विभवांतर V से त्वरित आवेश कण जिसका द्रव्यमान m एवं आवेश q है का दे ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य होगा –

(A) qV m
(B) 
2mqV
(C) h/
2mV
(D) h/
2m|q|V 

 

19. एक फोटॉन की ऊर्जा 10 keV है। यह विद्युत चुम्बकीय वर्णक्रम के किस भाग में स्थित होगा ?

(A) X-rays 
(B) 
ϒ-rays
(C) microwave
(D) इनमें से कोई नहीं

 

20. यदि किसी कण की स्थिति में अनिश्चितता Δहै तो इसके संवेग में अनिश्चितता बड़ी होगी –

(A) h/4πΔसे 
(B) 2h/
Δx से
(C) 3h/
Δx से
(D) इनमें से कोई नहीं

 

21. तीन आवृत्तियों ν1,ν2 एवं ν3 के लिए प्रकाश वैद्युत धारा i का विभवांतर V के साथ ग्राफ अंकित है। तब

 

(A) ν1 > ν2 > V2
(B) 
ν1 = ν2 = ν2
(C) 
ν1 < ν2 < ν2 
(D) 
ν1 = ν2 < ν2

 

22. किसी कण का संवेग दुगुना कर दिया जाता है। इसकी तरंग लम्बाई कितनी गुनी हो जाएगी ?

(A) 1/2 
(B) 2
(C) 3
(D) 
2

 

23. V आवृत्ति वाले फोटोन के साथ संवेग जुड़ा हुआ है। यदि प्रकाश का वेग c हो तो संवेग होगा:

(A) hV/c2
(B) hV/c
 
(C) V/c
(D) hVc

 

24. एक पदार्थ का कार्य फलन 4ev है। वेहली तरंगदैर्ध्य होगा :

(A) 540 nm
(B) 400 nm
(C) 310 nm
 
(D) 220 nm

 

25. यदि किसी धातु के सतह पर आपतित होने वाले फोटॉन की आवृत्ति दुगुना कर दिया जाय तो उत्सर्जित इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा हो जाएगी :

(A) दुगुना
(B) दुगुना से ज्यादा
 
(C) नहीं बदलेगा
(D) इनमें से कोई नहीं

 

26. फोटो सेल आधारित है –

(A) प्रकाश-विद्युत् प्रभाव पर 
(B) धारा के रासायनिक प्रभाव पर
(C) धारा के चुम्बकीय प्रभाव पर
(D) विद्युत्-चुम्बकीय प्रेरण पर

 

27. विभवांतर V से त्वरित इलेक्ट्रॉन के लिए निम्नलिखित में कौन डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य λ का सही मान है ?

(A) 12.26/V Å 
(B) 
V / 12.26 Å
(C) h / 12.26 Å
(D) इनमें से कोई नहीं

 

28. एक इलेक्ट्रॉन का विभवान्तर V से त्वरित करने पर प्राप्त दे ब्रोग्ली तरंग लंबाई होगी

(A) eV
(B) 
2meV

(C) 1em
(D) इनमें से कोई नहीं
 

 

29. डेविसन-जर्मर प्रयोग से इलेक्ट्रॉन की जिस प्रकृति का सत्यापन हुआ वह थी –

(A) कण प्रकृति
(B) तरंग प्रकृति
 
(C) आवेशित कण
(D) इनमें से कोई नहीं

 

30. ताँबा का कार्यफलन होता है –

(A) कुछ इलेक्ट्रॉन वोल्ट 
(B) कुछ जूल
(C) कुछ वाट
(D) कुछ वोल्ट

 

31. यदि नीले रंग के प्रकाश के फोटॉन की ऊर्जा E1 और पीले रंग के प्रकाश के फोटॉन की ऊर्जा E2 हो तो

(A) E1 = E2
(B) E1 > E2
 
(C) E1 < E2
(D) E1 = 2E2

 

32. एक फोटॉन की ऊर्जा (E), प्रोटॉन की गतिज ऊर्जा के बराबर है। माना λ1 प्रोटॉन की डी ब्रोग्ली तरंगदैर्घ्य है तथा λ2 फोटॉन की तरंगदैर्ध्य है। λ1/λ2 का अनुपात समानुपाती होता है।

(A) E-2
(B) E-1
 
(C) E1/2
(D) E0

 

33. प्रकाश-फोटॉनों की ऊर्जा है

(A) hν 
(B) h
υ/c
(C) h/
υ
(D) 
υ/h

 

34. किसी m द्रव्यमान तथा q आवेश के कण को V विभव द्वारा त्वरित किया जाता है। कण की दे-ब्रोग्ली तरंगदैर्ध्य होगी –

(A) Vh/2qm
(B) q/
2mV
(C) h/
2mV 
(D) mh/
2qV

 

35. 1014 Hz आवृत्ति की 6.62 J विकीर्ण ऊर्जा में फोटॉन्स की संख्या होगी –

(A) 1010
(B) 1015
(C) 1020
 
(D) 1025

 

36. प्लांक नियतांक का मान होता है –

(A) 6.63 x 10-34 Js 
(B) 6.6 x 10-24 JS-1
(C) 6.67 x 10-11 Nkg-l
(D) 9 x 10N

 

37. यदि किसी धातु पर जिसका कार्य-फलन ϕ हैआपतित प्रकाश की आवृत्ति ν है तो उत्सर्जित फोटो इलेक्ट्रॉन की महत्तम गतिज ऊर्जा E जिस संबंध से प्राप्त होती हैवह है –

(A) E = hυ
(B) E = 
ϕ hυ
(C) E = h
υ –ϕ 
(D) E = h
υ/ϕ

 

38. एक प्रकाश-सुग्राही धातु (ϕ = 2.1 eVसे उत्सर्जित फोटोइलेक्ट्रॉन की महत्तम गतिज ऊर्जा 0.9 eV है। आपतित फोटॉन की ऊर्जा है –

(A) 2.1 eV
(B) 0.9 eV
(C) 3 eV
 
(D) 1.2 eV

 

 

39. प्रकाश-विद्युत् में आपतित प्रकाश की ऐशोल्ड (देहली) आवृत्ति है जिस पर

(A) प्रकाश इलेक्ट्रॉन मात्र उत्सर्जित होते हैं। 
(B) प्रकाश इलेक्ट्रॉन का वेग महत्तम होता है
(C) इलेक्ट्रॉन के उत्सर्जन की दर न्यूनतम होती है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

40. डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्घ्य है –

(A) λ = h/mν 
(B) 
λ = hmν
(C) 
λ = hν
(D) 
λ = mc2/ν

 

41. एक्स-किरणों के तरंगदैर्घ्य का क्रम होता हैं-

(A) 1 cm
(B) 1 m
(C) 1 micron
(D) 1 Å
 

 

42. प्रकाश-विद्युत् प्रभाव में उत्सर्जित प्रकाश इलेक्ट्रॉनों की गतिज ऊर्जा समानुपाती होती है –

(A) आपतित प्रकाश की आवृत्ति के वर्ग के
(B) आपतित प्रकाश की आवृत्ति के
 
(C) आपतित प्रकाश के तरंगदैर्घ्य के
(D) आपतित प्रकाश के तरंगदैर्घ्य के वेग के

 

43. कार्य-फलन आवश्यक ऊर्जा है –

(A) परमाणु को उत्तेजित करने के लिए
(B) एक्स-किरणों को उत्पन्न करने के लिए
(C) एक इलेक्ट्रॉन को सतह से ठीक बाहर निकालने के लिए
 
(D) परमाणु की छानबीन के लिए

 

44. विभवांतर V से त्वरित इलेक्ट्रॉन का डी-ब्रॉग्ली तरंगदैर्ध्य का व्यंजक है –

(A) λ = h/m
(B) 
λ = h/meV 
(C) 
λ = eV
(D) 
λ = 1/2mV2

 

45. यदि किसी धातु का कार्य-फलन 2.8eV होतो देहली तरंगदैर्घ्य होगा –

(A) 4000 Å
(B) 5000 Å
(C) 4433 Å
 
(D) 3344 Å

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