1. चुम्बक के दो ध्रुवों के बीच की दूरी को कहते हैं –

(A) चुम्बकीय लम्बाई 
(B) चुम्बकीय क्षेत्र
(C) चुम्बकीय अक्ष
(D) चुम्बकीय आघूर्ण

 

2. वायु की चुम्बकीय प्रवृत्ति होती है –

(A) धनात्मक
(B) ऋणात्मक
(C) शून्य
 
(D) धनात्मक एवं ऋणात्मक

 

3निम्नलिखित में किस धातु की चुम्बकीय प्रवृत्ति एक से कम और ऋणात्मक होती है ?

(A) फेरोमैग्नेटिक
(B) पारामैग्नेटिक
(C) डायमैग्नेटिक
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

4. पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का मान पृथ्वी के सतह पर लगभग होता है –

(A) 1 गॉस 
(B) 4 गाँस
(C) 10-4 गॉस
(D) इनमें से कोई नहीं

 

5. अनुचुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति है –

(A) स्थिर 
(B) शून्य
(C) अनंत
(D) चुम्बकीय क्षेत्र पर निर्भर

 

6. निकेल है –

(A) प्रति चुम्बकीय
(B) अनुचुम्बकीय
 
(C) लौह चुम्बकीय
(D) इनमें से कोई नहीं

 

7. एक चुम्बकीय सूई एक असमान चुम्बकीय क्षेत्र में रखा है तो वह अनुभव करता है –

(A) एक बल तथा एक बल-आघूर्ण 
(B) एक बल किन्तु एक बल-आघूर्ण नहीं
(C) एक बल-आघूर्ण किन्तु बल नहीं
(D) इनमें से कोई नहीं

 

8. स्थायी चुम्बक बनाने के लिए प्रयोग में लाते हैं

(A) स्टील 
(B) नर्म लोहा
(C) ताँबा
(D) इनमें से कोई नहीं

 

9. चुंबकीय फ्लक्स का SI मात्रक है :

(A) ओम
(B) वेबर
 
(C) टेसला
(D) इनमें से कोई नहीं

 

10. ताँबा होता है :

(A) अनुचुंबकीय
(B) लौह चुंबकीय
(C) प्रति चुंबकीय
 
(D) अर्द्ध-चालक

 

11. एक चुम्बक के चुम्बकत्व का कारण उसके –

(A) इलेक्ट्रॉन की स्पिन है 
(B) अन्तरिक्ष किरणे हैं
(C) पृथ्वी के अन्दर एक बड़े चुम्बक की उपस्थिति है
(D) पृथ्वी है

 

12. निम्नलिखित में से डायमैग्नेटिक कौन है?

(A) Na
(B) CO
(C) द्रव्य 02
(D) He
 

 

13. डायमैगनेटिज्मपारामैगनेटिज्म तथा लौहमैगनेटिज्म के सभी पदार्थों के सात्विक गुण हैं –

(A) डायमैगनेटिज्म 
(B) पारामैगनेटिज्म
(C) फेरोमैगनेटिज्म
(D) उपर्युक्त सभी

 

14. यदि चुम्बक के ध्रुवों पर घड़ी-काँच (watch glass) में पारामैगनेटिक द्रव को रखा जाता है तो ज्यादा द्रव वहाँ जमा हो जाते हैं जहाँ चुम्बकीय क्षेत्र होते हैं –

(A) शक्तिशाली 
(B) कमजोर
(C) शून्य
(D) इनमें से कोई नहीं

 

15. विषुवत् रेखा पर चुम्बकीय नमन का मान होता है –

(A) 0° 
(B) 30°
(C) 45°
(D) 90°

 

16. निम्नलिखित में से किसकी चुंबकशीलता अधिक होती है ?

(A) प्रतिचुंबकीय 
(B) अनुचुंबकीय
(C) लौह चुंबकीय
(D) अर्द्धचालक

 

17. स्थायी चुम्बक के लिए किसे छोटा होना चाहिए ?

(A) धारणशीलता
(B) निग्रहणता
(C) दोनों (A) तथा(B)
(D) इनमें से कोई नहीं
 

 

18. लोहालौहचुम्बकीय है –

(A) सभी तापक्रमों पर
(B) N.T.P. पर केवल
(C) 770°C के ऊपर और
(D) 770°C के नीचे तापक्रमों पर
 

 

19. क्यूरी तापक्रम के ऊपर लौह-चुम्बकीय पदार्थ हो जाते हैं –

(A) पारामैगनेटिक 
(B) डायमैगनेटिक
(C) अर्द्धचालक
(D) विधुतरोधी

 

20. एक प्रबल विधुत् चुम्बक बनाने के लिए कौन-सी वस्तु बहुत अधिक उपयुक्त होगी ?

(A) वायु
(B) नरम लोहा
 
(C) इस्पात
(D) ताँबे और निकेल की मिश्र धातु

 

21. द्रव और गैस –

(A) लौह चुम्बकीय पदार्थ नहीं होते हैं 
(B) प्रति चुम्बकीय पदार्थ नहीं होते हैं
(C) अनुचुम्बकीय पदार्थ नहीं होते हैं
(D) निर्वात् के सदृश चुम्बकीय आचरण करते हैं

 

22. एक छड़ चुम्बक जिसका आघूर्ण M हैबीच से 60° के कोण पर मोड़ दिया जाय तो चुम्बकीय आघूर्ण का मान हो जाएगा –

(A) M/2 
(B) 2M
(C) M/3
(D) इनमें से कोई नहीं

 

23. दो चुम्बकीय बल क्षेत्रों के लिए टैजेण्ट नियम तब लागू होता है जब उनके बीच का कोण होता है –

(A) 45°
(B) 90°
 
(C) 0°
(D) 180°

 

24. स्थायी चुम्बक बनाने के लिए पदार्थ की

(A) निग्राहिता (Coercivity) उच्च होनी चाहिए
(B) निग्राहिता कम होनी चाहिए
(C) चुम्बकीय धारणशीलता (Vetentivity) उच्च होनी चाहिए
(D) (A) तथा(C) दोनों
 

 

25. पृथ्वी का चुम्बकीय अक्ष और पृथ्वी के भौगोलिक अक्ष के बीच का कोण लगभग होता है

(A) 0°
(B) 11°
 
(C) 23°
(D) इनमें से कोई नहीं

 

26. जब चुम्बकीय क्षेत्र की तीव्रता को चौगुना बढ़ा दिया जाता हैतो लटकती हुई चुम्बकीय सूई का आवर्तकाल होता है –

(A) दुगुना
(B) आधा
 
(C) चौगुना
(D) एक-चौथाई कम

 

27. ठंढा करने पर अनुचुम्बकीय पदार्थ का चुम्बकन

(A) घटता है
(B) बढ़ता है
 
(C) घटने के बाद बढ़ता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

28. लौह चुम्बक की चुम्बकशीलता

(A) चुम्बकीय क्षेत्र पर निर्भर है 
(B) चुम्बकीय क्षेत्र से स्वतंत्र है
(C) चुम्बकीय क्षेत्र के समानुपाती है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

29. प्रति-चुम्बकीय पदार्थों की चुम्बकशीलता

(A) अधिक होती है
(B) बहुत कम होती है
 
(C) शून्य रहती है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

30. कुछ पदार्थों की चुम्बकशीलता 1 से कम है। उनकी घुम्बकीय प्रवृति –

(A) धनात्मक और बड़ी होगी
(B) धनात्मक और छोटी होगी
(C) शून्य होगी
(D) ऋणात्मक होगी
 

 

31. निम्नलिखित में किनकी चुम्बकशीलता अधिक होगी ?

(A) अनुचुम्बकीय
(B) प्रतिचुम्बकीय
(C) लौह चुम्बकीय
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

32. प्रति चुम्बकीय पदार्थों की चुम्बकीय प्रवृत्ति –

(A) धनात्मक और 1 से छोटी होती है
(B) धनात्मक और 1 से बड़ी होती है
(C) ऋणात्मक होती है
 
(D) शून्य होती है

 

33. लोहे का परमाणु है –

(A) अनुचुम्बकीय
(B) प्रतिचुम्बकीय
(C) लौह चुम्बकीय
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

34. ताँबा होता है –

(A) प्रतिचुम्बकीय
(B) लौह चुम्बकीय
(C) अनुचुम्बकीय
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

35. निम्नलिखित में से कौन शैथिल्य प्रदर्शित करते हैं ?

(A) अनुचुम्बकीय
(B) प्रति चुम्बकीय
(C) लौह चुम्बकीय पदार्थ
 
(D) इनमें से कोई नहीं

 

36. यदि चुम्बक (M) को लंबाई के दो भाग में विभक्त किया जाय तो एक टुकड़े का आघूर्ण होगा –

(A) M/2 
(B) 2 M
(C) 4M
(D) इनमें से कोई नहीं

 

37. किसी चुम्बक को 90° से घुमाने में किया गया कार्य होगा –

(A) MB 
(B) MB cos
θ
(C) MB sin
θ
(D) MB (1 – sin
θ)

 

38. किसी चुम्बकीय शैथिल्य लूप का क्षेत्रफल समानुपाती होता है –

(A) प्रतिएकांक आयतन में उत्पन्न ऊष्मा 
(B) चुम्बकीय तीव्रता
(C) ध्रुव प्रबलता
(D) इनमें से कोई नहीं

 

39. विक्षेप चुम्बकत्वमापी की सूई के नीचे समतल दर्पण प्रयोग में लिया जाता है –

(A) विस्थापनाभास दूर करने के लिए 
(B) चुम्बकीय याम्योत्तर में लाने के लिए
(C) सूई को देखने के लिए
(D) इनमें से कोई नहीं

 

40. यदि डोरी में ऐंठन रह जाती है तो एक अतिरिक्त बलआघूर्ण उत्पन्न हो जाता है जो चुम्बक के दोलन के आवर्तकाल को –

(A) बढ़ा देता है 
(B) घटा देता है
(C) दुगुना कर देता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

41. यदि किसी चुम्बक को इस प्रकार रखा जाय कि उसका उत्तर ध्रुव पूर्व की ओर हो तो उदासीन बिन्दु होंगे –

(A) 1
(B) 2
 
(C) 3
(D) इनमें से कोई नहीं

 

42. चुम्बकीय याम्योत्तर और भौगोलिक याम्योत्तर से बना कोण कहलाता है –

(A) दिक्पात् 
(B) नमन
(C) पृथ्वी के क्षेत्र का क्षैतिज अवयव
(D) इनमें से कोई नहीं

 

43. ध्रुव प्रबलता की विमा है –

(A) [AL] 
(B) AL2]
(C) [AT]
(D) [A2T2]

 

44. किसी चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण है

(A) अदिश राशि
(B) सदिश राशि
 
(C) उदासीन राशि
(D) उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

45. चुम्बकीय आघूर्ण  की दिशा होती है –

(A) उत्तरी ध्रुव से दक्षिणी ध्रुव की ओर
(B) दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर
 
(C) चुम्बकीय अक्ष के लम्बवत्
(D) इनमें से कोई नहीं

 

46. चुम्बकीय आघूर्ण की विमा है –

(A) [AL2] 
(B) [AL]
(C) [A2L2]
(D) [M°L°T°]

 

47. किसी चुम्बक को लम्बाई के लम्बवत् दो बराबर भागों में बाँटने पर चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण –

(A) आधा हो जाता है 
(B) दुगुनी होती है
(C) अपरिवर्तित रहती है याना
(D) इनमें से कोई नहीं

 

48. m ध्रुव प्रबलता वाले किसी चुम्बक को दो भागों में इसके अक्ष के अनुदिश इस प्रकार बाँटा जाता है कि प्रत्येक भाग की लम्बाई पूर्व लम्बाई के समान होपरन्तु इसकी चौड़ाई आधी हो तब प्रत्येक भाग की ध्रुव प्रबलता होगी –

(A) m
(B) 2/m
(C) 2m
 
(D) m/4

 

49. निम्नलिखित में किस स्थान पर नमन का मान शून्य होगा ?

(A) चुम्बकीय विषुवत् रेखा पर 
(B) उत्तरी ध्रुव पर
(C) दक्षिणी ध्रुव पर
(D) 45° के देशान्तर पर

 

50. m ध्रुवीय प्रबलता वाले चुम्बक को चार भागों में इस प्रकार बाँटा जाता है कि इसकी लम्बाई और चौड़ाई पहले चुम्बक की आधी हो जाती है। तब प्रत्येक भाग की चुम्बकीय प्रबलता होगी –

(A) m/4
(B) m/8
(C) m/2
 
(D) 4m

 

51. यदि दो ध्रुवों की ध्रुवीय प्रबलता और उनके बीच की दूरी दुगनी करी तब ध्रुवों के बीच लगा बल –

(A) घटकर आधा हो जाता है
(B) अपरिवर्तित रहता है
 
(C) बढ़कर दुगुना हो जाता है
(D) चार गुना हो जाता है

 

52. ज्यों-ज्यों चुम्बकीय विषुवत् रेखा से पृथ्वी के उत्तरी ध्रुव की ओर जाया जाता है त्यों-त्यों नमन –

(A) घटता है
(B) बढ़ता है
 
(C) नियत रहता है
(D) पहले बढ़ता है और तब घटता है

 

53. चुम्बकीय प्रेरण का S.I. मात्रक है –

(A) वेबर (Wb)
(B) टेसला (T)
 
(C) फैराड (F)
(D) ऐम्पियर x मीटर (Am)

 

54. किसी छड़ चुम्बक के कारण अक्षीय स्थिति में किसी बिन्दु पर चुम्बकीय प्रेरणचुम्बकीय आघूर्ण (दक्षिणी ध्रुवों से उत्तरी ध्रुव की ओर) के होता है –

(A) समानांतर 
(B) प्रतिसमानांतर
(C) लम्बवत्
(D) इनमें से कोई नहीं

 

55. निरक्षीय स्थिति में चुम्बक के कारण चुम्बकीय क्षेत्रचुम्बकीय आघूर्ण (दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर) के होता है –

(A) समानांतर
(B) प्रतिसमानांतर
 
(C) लम्बवत्
(D) इनमें से कोई नहीं

 

56. किसी छोटे छड़ चुम्बक के मध्य बिन्दु से समान दूरी पर अक्षीय स्थिति तथा निरक्षीय स्थिति में चुम्बकीय क्षेत्र का अनुपात होता है

(A) 1 : 2
(B) 2 : 1
 
(C) 
2 : 1
(D) 1 : 
2

 

57. चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा से किसी चुम्बक को 90° से घुमाने में सम्पन्न कार्य हैं –

(A) 0
(B) MB / 2I
(C) 1MB
 
(D) 2MB

 

58. चुम्बकीय विभव (Magnetic Potential) का मात्रक है –

(A) J Am
(B) JA-1 m-1
 
(C) JA-1 m-2
(D) JA-2 m-2

 

59. निर्वात् या हवा की चुम्बकशीलता μ का मान होता है –

(A) 4π x 10-7 हेनरी/मीटर 
(B) 4
π x 10-9 हेनरी/मीटर
(C) 4
πx 10-7 हेनरी/मीटर
(D) 4
π x 107 हेनरी/मीटर

 

60. पृथ्वी की ध्रुव पर नमन (dip) का मान होता है –

(A) 0°
(B) 90°
 
(C) 45°
(D) 180°

 

61. पृथ्वी की विषुवत् रेखा पर निर्बाध लटकी चुम्बकीय सूई –

(A) उदग्र रहती है
(B) 45° कोण पर झुकी रहती है
(C) क्षैतिज रहती है
 
(D) 60° कोण पर झुकी रहती है

 

62. विधुत चुम्बक (electromagnet) बनाने के लिए पदार्थ में होनी चाहिए –

(A) उच्च चुम्बकीय प्रवृत्ति 
(B) उच्च चुम्बकीय धारणशीलता
(C) उच्च शैथिल्य
(D) इनमें से कोई नहीं

 

63. यदि चुम्बकीय प्रवृत्ति का मान 595.6 है तो उसके सापेक्ष चुम्बकशीलता होगी –

(A) 595.6
(B) 596.6
 
(C) 594.6
(D) 593.6

 

64. परमाणु न्योन (Neon) की चुम्बकीय आघूर्ण बराबर है –

(A) शून्य के 
(B) 1/2
μ B के
(C) B के
(D) 3/2
μ B के

 

65. दो समान चुंबकजिनमें प्रत्येक का चुंबकीय आघूर्ण M हैपरस्पर लंबवत रखे जाते हैं व एक क्रॉस का चिन्ह बनाते हैं। निकाय का परिणामी चुंबकीय आघूर्ण होगा :

(A) 2M
(B) शून्य
(C) 
2 M 
(D) M

 

66. यदि किसी चुम्बक को चुम्बकीय याम्योत्तर में इस तरह रखा जाए कि उसका उत्तरी ध्रुव उत्तर की ओर हो तो उदासीन बिन्दु की संख्या होगी :

(A) 1
(B) 2
 
(C) 3
(D) इनमें से कोई नहीं

 

67. ताम्बे का एक वलय क्षैतिज रखा गया है। उदग्र अक्ष के एक दण्डचुम्बक वलय के ऊपर के छोड़ दिया जाता है। तब –

(A) दण्ड का त्वरण ‘g’ होगा।
(B) ताम्बे का तार ठण्डा होता जाएगा।
(C) दण्ड का त्वरण ‘g’ से कम होगा।
 
(D) दण्ड का वेग ऊपर दिष्ट हो जाएगा।

 

68. किसी एकल ध्रुव से दूरी पर चुम्बकीय प्रेरण का मान व्युत्क्रमानुपाती होता है –

(A) r के
(B) 
ν2 के 
(C) 1/r के
(D) 1/r2 के

 

69. स्टील के एक तार-चुम्बक का चुम्बकीय आघूर्ण M है। उसे अर्द्धवृत्ताकार चाप में मोड़ने पर उसका नया चुम्बकीय आघूर्ण होगा –

(A) M
(B) M/L
(C) 2M / 
π 
(D) ML

 

70. लौह चुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकीय प्रवृत्ति (χmतथा परम ताप (T) में सम्बन्ध है –

(A) χm  1/T 
(B) 
χmT
(C) 
χm ताप पर निर्भर नहीं करता है
(D) इनमें से कोई नहीं

 

71. एक स्थान पर नमन और पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक क्रमश: 60° और 4 x 10-5 टेसला है। उस स्थान पर क्षेत्र का उदग्र घटक है –

(A) 4 x 10-5 T
(B) 4
3 x T-5T 
(C) 4/
3 x 10-5 T
(D) इनमें से कोई नहीं |

 

72. निम्नलिखित में से चुम्बकीय प्रेरण का मात्रक कौन नहीं है ?

(A) वेबर/मीटर2
(B) जूल/ऐम्पियर/मीटर2
(C) न्यूटन/ऐम्पियर/मीटर3
 
(D) न्यूटन/ऐम्पियर2/मीटर

 

73. निम्नलिखित में से कौन सही नहीं है ?

(A) χ = M/H
(B) 
μH = H(1 + χ)
(C) 
μ = μ(1 + χ ) 
(D) 
μr = 1 + χ

 

74. पारामैग्नेटिक पदार्थों के लिएचुम्बकीय प्रवृत्ति χ की परमताप पर निर्भरता निम्नलिखित होगी –

(A) χ  T
(B) 
χ  1/T 
(C) 
χ = eKT
(D) 
χ = स्थिरांक

 

75. ध्रुव प्रबलता का S.I. मात्रक है –

(A) N
(B) N/Am
(C) Am
 
(D) T

 

76. क्यूरी ताप वह ताप होता है जिससे अधिक ताप पर

(A) लौह चुम्बकीय पदार्थअनुचुम्बकीय पदार्थ बन जाता है। 
(B) लौह चुम्बकीय पदार्थप्रतिचुम्बकीय पदार्थ बन जाता है।
(C) अनुचुम्बकीय पदार्थप्रतिचुम्बकीय पदार्थ बन जाता है।
(D) अनुचुम्बकीय पदार्थलौह चुम्बकीय पदार्थ बन जाता है।

 

77. एक लौह चुम्बकीय पदार्थ की चुम्बकशीलता μ है –

(A) μ >> 1 
(B) 
μ = 1
(C) 
μ < 1
(D) 
μ = 0

 

78. चुम्बकीय आघूर्ण का S.I. मात्रक होता है –

(A) JT-2
(B) Am2
 
(C) JT
(D) Am-1

 

79. दंडचुम्बक की ज्यामितीय लंबाई (Lgतथा चुम्बकीय लंबाई (Lmमें संबंध होता है –

(A) Lm = 5/6 Lg 
(B) Lm = 6/5 Lg
(C) Lm = Lg
(D) Lm = 2Lg

 

80. चुम्बकीय याम्योत्तर के लम्बवत् तल में नमन सूई रहती है

(A) क्षैतिज
(B) उस स्थान के नमन कोण पर झुकी हुई
(C) क्षैतिज से 45° के कोण पर
(D) उदग्र
 

 

81. जब नमन कोण δ हो तब tanδ का मान सामान्य संकेतों में होगा –

(A) Bν/BH 
(B) BH/B
ν
(C) B
ν.BH
(D) B2
ν/B2H

 

82. M चुम्बकीय आघूर्ण वाले छड़ चुम्बक को दो समान टुकड़े में तोड़ा जाता है तो प्रत्येक नये टुकड़े का चुम्बकीय आघूर्ण है –

(A) M
(B) M/2
 
(C) 2M
(D) Zero

 

83. चुम्बकीय द्विध्रुव आघूर्ण एक सदिश राशि हैजो निर्दिष्ट होती है –

(A) दक्षिण से उत्तर ध्रुव 
(B) उत्तर से दक्षिण ध्रुव
(C) पूरब से पश्चिम दिशा
(D) पश्चिम से पूरब दिशा

 

84. चुम्बकीय द्वि-ध्रुव की अक्षीय स्थिति में मध्य बिन्दु r दूरी पर चुम्बकीय विभव समानुपाती होता है –

(A) rके
(B) 1/r के
(C) r2 के
(D) 1/r2 के
 

 

85. एक छड़-चुम्बक के मध्य बिन्दु से चुम्बक की लम्ब रेखा पर स्थित किसी बिन्दु पर –

(A) चम्बकीय क्षेत्र शन्य होता है
(B) चुम्बकीय विभव शून्य होता है
 
(C) चुम्बकीय क्षेत्र तथा विभव दोनों शन्य है
(D) कोई शून्य नहीं होता है

 

86. यदि किसी चुम्बक को चुम्बकीय याम्योत्तर की दिशा में इस प्रकार रखा जाए कि उसका उत्तरी ध्रुव उत्तर की ओर हो तब उदासीन बिन्दुओं की संख्या होगी –

(A) दो 
(B) चार
(C) सोलह
(D) असंख्यक

 

87.  चुम्बकीय-आघूर्ण वाले चुम्बक को चुम्बकीय क्षेत्र  में θ कोण से घुमाने में किया गया कार्य होता है –

(A) MB sinθ
(B) MB cos
θ
(C) MB (1 – cos
θ) 
(D) MB (1 – sin
θ)

 

88. जब किसी चुम्बक को मध्य बिन्दु से किसी चुम्बकीय क्षेत्र में लटकाया जाता है तो इस पर बल-युग्म महत्तम तब होगा जब चुम्बक का अक्षचुम्बकीय –

(A) क्षेत्र के समानांतर हो
(B) क्षेत्र के लम्बवत् हो
 
(C) क्षेत्र से 45° का कोण बनाता है
(D) क्षेत्र से 60° का कोण बनाता है

 

89. किसी स्थान पर पृथ्वी के क्षेत्र के क्षैतिज एवं उदग्र अवयव क्रमशः BH और BV हैं तथा उस स्थान पर नमन δ हैतो –

(A) BV = Bcosδ
(B) BV= B Htan
δ 
(C) BV = Bsin
δ
(D) इनमें से कोई नहीं

 

90. यदि किसी छड़ चुम्बक को लम्बाई के लम्बवत् दो भागों में विभक्त कर दिया जाएतो निम्नलिखित में किसका मान अपरिवर्तित रहेगा ?

(A) आधा प्राबल्य 
(B) जडत्व-आघर्ण
(C) चुम्बकीय आघूर्ण
(D) चुम्बकीय-लम्बाई

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